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अंचल में क्वांर नवरात्र का पर्व बड़े ही भक्ति भाव और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर गांव-गांव में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और प्रतिदिन माता सेवा का आयोजन किया जा रहा है। दुर्गा पंडालों एवं देवी मंदिरों में सुबह-शाम श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। क्षेत्र में पंचमी विभिन्न स्थानों पर मनाया गया। ग्राम चिटौद के शीतला माता मंदिर में शनिवार को पंचमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान मां शीतला का विशेष शृंगार कर पूजा-अर्चना की गई।
मंदिर समिति के अध्यक्ष रघुवीर साहू ने बताया कि इस वर्ष 47 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए। दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहा, जो भक्ति भाव से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद ग्रहण कर रहे थे। ग्राम चिटौद के त्रिमूर्ति मंदिर में भी मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए। गांधी चौक में जय मां भवानी दुर्गोत्सव समिति, जय ठाकुर देव दुर्गोत्सव समिति तथा बालक चौक में मां दुर्गोत्सव समिति द्वारा पंडालों में मां दुर्गा की स्थापना कर उन्हें आकर्षक रूप से सजाया गया है। प्रतिदिन माता सेवा के साथ दुर्गा सप्तशती पाठ, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का कार्यक्रम चल रहा है।
ग्राम कनेरी के कंकालिन मंदिर में भी ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कर प्रतिदिन पूजा-अर्चना की जा रही है। पंचमी के दिन माता का विशेष शृंगार किया गया। दूर-दूर से श्रद्धालु मां कंकालिन के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। परिसर के चारों ओर गार्डन है, जिसे आकर्षक लाइटों से सजाया गया है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित, ज्योति कलश प्रज्ज्वलित राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर स्थित ग्राम जगतरा दुर्गा मंदिर में भी ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए और मंदिरों को मनमोहक लाइटों से सजाया गया है, जहां दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। इसके अलावा ग्राम फागुनदाह, उसरवारा, भर्रीगांव, आनंदपुर, चंदनबिरही, बोरिदकला, मुड़खुसरा, पुरूर, बालोदगहन, कुम्हारखान, बागतराई, सोरम, बोरिदखुर्द सहित अंचल के सभी गांवों के देवी मंदिरों में ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। गांव-गांव में समितियों द्वारा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर उन्हें आकर्षक रूप से सजाया गया है। क्षेत्र में नवरात्रि पर्व बड़े ही श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है, जिससे पूरा अंचल माता के भक्ति भाव में डूबा हुआ है।
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