राजनांदगांव में आयोजित सीबीएसई नेशनल बास्केटबॉल स्पर्धा का समापन हो गया है। इसमें अंडर-14 वर्ग में सेंट्रल एकेडमी राजस्थान, अंडर-17 में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) राजनांदगांव और अंडर-19 में युगांतर स्कूल राजनांदगांव ने खिताब जीते। यह स्पर्धा 5 से 1
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अंडर-17 बालक वर्ग के फाइनल में दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव ने द वेलामल इंटरनेशनल स्कूल तमिलनाडु को 50-40 अंकों से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस वर्ग में दिल्ली पब्लिक स्कूल बेंगलुरु फर्स्ट रनरअप और नेहरू वर्ल्ड स्कूल गाजियाबाद यूपी सेकेंड रनरअप रहा।

अलग-अलग वर्ग में खेले गए खिलाड़ियों का चयन
व्यक्तिगत पुरस्कारों में हिमांशु सिंह (डीपीएस राजनांदगांव) को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, कलवा राव (डीपीएस राजनांदगांव) को बेस्ट स्कोरर, कनिस्कर (द वेलामल इंटरनेशनल स्कूल तमिलनाडु) को बेस्ट डिफेंडर, अंश भाटिया को बेस्ट रिबाउंडर और शौर्य पांडेय (नेहरू वर्ल्ड स्कूल गाजियाबाद यूपी) को बेस्ट प्लेयर चुना गया।
अंडर-19 बालक वर्ग में युगांतर पब्लिक स्कूल राजनांदगांव ने दिल्ली पब्लिक स्कूल बेंगलुरु को 50-23 अंकों से हराकर खिताब जीता। इस वर्ग में सेंट अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल वाराणसी फर्स्ट रनरअप और द मान स्कूल दिल्ली सेकेंड रनरअप रहा। शुभम सिंह को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का पुरस्कार मिला।

नए केंद्र के रूप में स्थापित हुआ DPS
इस सफल आयोजन के साथ डीपीएस राजनांदगांव ने खुद को खेल प्रतिभागियों के लिए एक नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व महापौर नरेश डाकलिया, सीबीएसई ऑब्जर्वर शैलेंद्र मोहन उपाध्याय, विनोद नायर, सीबीएसई टेक्निकल डेलिगेट कुलदीप हांडिया और अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रशिक्षक कालवा राजेश्वर राव थे।
शाला के निदेशक सुनील जैन और प्राचार्या निर्मला सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुआ। मुख्य अतिथि नरेश डाकलिया ने डीपीएस राजनांदगांव की शिक्षा और खेल के समन्वय की सराहना की।
उन्होंने कहा कि खेल केवल जीत-हार नहीं, बल्कि अनुशासन, परिश्रम और टीम भावना सिखाते हैं। प्राचार्या निर्मला सिंह ने खेलों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली में समग्र व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण अंग बताया। विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। सीबीएसई ऑब्जर्वर का आभार व्यक्त किया गया।

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