सरकारी जमीन पर किया गया है अवैध कब्जा।
बिलासपुर में नगर निगम ने दिवाली पर्व के बाद एक बार फिर से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को जवाली नाले के पास बनाए गए दुकान और मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान लोगों ने निगम के अफसरों पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाक
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दरअसल, नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण करने वालों पर जिला प्रशासन ने करीब छह माह पहले सख्ती दिखाई थी। जवाली नाले के पास अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बाद निगम और राजस्व विभाग की टीम बनाई थी। इस दौरान नजूल की जमीन का सीमांकन कराया गया। जिसके बाद निगम ने करीब 44 अवैध कब्जाधारियों को नोटिस भी जारी किया था।

बड़े व्यापारी और अवैध कब्जा को छोड़ने का आरोप लगाकर किया विरोध।
निगम के बुलडोजर कार्रवाई से भड़की थीं महापौर करीब एक माह पहले नगर निगम ने जवाली पुल के पास नजूल की जमीन पर किए गए अवैध निर्माण पर निगम ने बुलडोजर चलाने का दावा किया। इस दौरान अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। लेकिन, राजनीतिक दबाव में कार्रवाई रोक दी गई। दरअसल, निगम की इस कार्रवाई पर व्यापारियों ने सिंधी समाज के लोगों को टारगेट करने का आरोप लगाया और महापौर पूजा विधानी से शिकायत की, जिससे नाराज मेयर पूजा विधानी ने निगम के अफसरों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी।

इससे पहले मेयर पूजा विधानी ने सिंधी समाज के व्यापारियों को टारगेट करने पर लगाई थी फटकार।
दिवाली के बाद फिर एक्टिव हुआ अमला, भेदभाव कार्रवाई का आरोप दिवाली पर्व के बाद नगर निगम के अतिक्रमण शाखा और भवन शाखा की टीम एक बार फिर से एक्टिव हो गई है। शनिवार को पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण विभाग की टीम बुलडोजर लेकर जवाली नाला पहुंची, जहां चिन्हित अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने बड़े कब्जाधारियों पर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही निगम पर भेदभाव तरीके से छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। निगम अफसरों का दावा है कि सभी अवैध निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विरोध और हंगामे के बाद पहुंची पुलिस।
बड़े कब्जाधारियों पर अफसर मेहरबान बताया जा रहा है कि प्रकाश आडवाणी ने नगर निगम से आवासीय भवन के लिए नक्शा पास कराया था, लेकिन मौके पर लगभग निर्धारित से अधिक जगह में चार मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स खड़ा कर दिया। साथ की नाले की बाउंड्री से लेकर इमारत तक की लगभग 3.9 मीटर जमीन और उससे आगे की करीब 11 मीटर नजूल भूमि पर भी अवैध कब्जा कर लिया गया है। नाले की ओर अवैध रूप से एक एंट्री गेट भी बना दिया गया है। नियमों के अनुसार, इस स्थान पर सिर्फ दो मंजिला आवासीय भवन की ही अनुमति थी, लेकिन इसका उल्लंघन करते हुए चार मंजिला कमर्शियल निर्माण कर दिया गया। इस अवैध निर्माण में निगम अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहा है।

अवैध कब्जाधारियों पर एक माह बाद फिर एक्टिव हुआ निगम का अमला।
भवन शाखा प्रभारी ने कहा- अवैध कब्जा पर एक्शन नगर निगम की इस भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर भवन शाखा प्रभारी अनुपम तिवारी का कहना है कि अभी नगर निगम ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जाधारियों को चिन्हांकित किया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कई व्यापारी ऐसे हैं, जिन्होंने बिना अनुमति अवैध निर्माण किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उन्हें नोटिस दिया जाएगा। जिसके बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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