Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » Books will be printed on 80 GSM paper instead of 70 GSM, increasing the weight of the school bag by 14% and the cost by Rs 16 crore. | बढ़ेगा बस्तों का बोझ: 70 की जगह 80 GSM कागज पर छपेंगी किताबें बस्ते का वजन 14% और खर्चा 16 करोड़ रुपए बढ़ेगा – Raipur News
Breaking News

Books will be printed on 80 GSM paper instead of 70 GSM, increasing the weight of the school bag by 14% and the cost by Rs 16 crore. | बढ़ेगा बस्तों का बोझ: 70 की जगह 80 GSM कागज पर छपेंगी किताबें बस्ते का वजन 14% और खर्चा 16 करोड़ रुपए बढ़ेगा – Raipur News

By adminJanuary 2, 2026No Comments5 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
orig 4 1 1767309088
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email


छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों की किताबें 70 की जगह अब 80 जीएसएम (ग्राम प्रति वर्ग मीटर) में छपेंगी। पाठ्य पुस्तक निगम इसके टेंडर की प्राइज बिड भी खोलने जा रहा है। ऐसा होने से बच्चों के बस्तों का वजन 14% तक बढ़ जाएगा।

.

पिछले साल करीब 2.5 करोड़ किताबों के लिए 9 हजार मीट्रिक टन कागज खरीदा गया था। इस बार निगम 11 हजार मीट्रिक टन कागज खरीदने जा रहा है। इससे सरकार पर करीब 16 करोड़ रुपए का अतिरिक्ति बोझ आने वाला है। पिछले साल 80 करोड़ रुपए का कागज खरीदा गया था।

दैनिक भास्कर ने जब इस मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि निगम ने बिना किसी सर्वे-समीक्षा के ही यह टेंडर निकाल दिया। यही नहीं विभाग से इसकी प्रशासकीय स्वीकृति तक नहीं ली। निगम ने यह तर्क देते हुए टेंडर निकाला कि एनसीईआरटी की किताबें 80 जीएसएम पर प्रकाशित होती है।

इस बारे में शिक्षकों का कहना है कि एनसीआरटी की किताबें बाजार में बिकती हैं। उनका उपयोग कई साल तक होता है। सरकारी किताबें मुफ्त में बंटती है। एक साल में किताब के कागज फटते भी नहीं हैं।

मंत्री के आदेश को किया दरकिनार निगम किताबों के प्रकाशन के लिए तीन तरीके के टेंडर निकालता है। पहला-कागज खरीदी, दूसरा- प्रिंटिंग, तीसरा- ट्रांसर्पोटेशन। गजेंद्र यादव के शिक्षा मंत्री बनते ही उन्होंने अक्टूबर में घोषणा की थी कि अब तीनों का सिंगल टेंडर होगा। उसके बावजूद निगम ने 11 नवंबर 2025 को कागज खरीदी का टेंडर निकाल दिया। इस पर शिक्षा मंत्री ने 20 नवंबर को लिखित आदेश देते हुए तीनों टेंडर को खत्म कर एकल निकालने का आदेश दिया। उनका तर्क था कि इससे तीन बार लगने वाले ट्रांसपोर्टेशन की राशि बचेगी।

सरकार को बड़ा फायदा होगा। फिर भी 3 दिसंबर को टेंडर खोल दिया गया। इसका प्राइज बिड जनवरी के पहले सप्ताह में ही खुलने वाली है। इस पर शिक्षा मंत्री ने 20 नवंबर को लिखित आदेश देते हुए तीनों टेंडर को खत्म कर एकल निकालने का आदेश दिया। उनका तर्क था कि इससे तीन बार लगने वाले ट्रांसपोर्टेशन की राशि बचेगी। सरकार को बड़ा फायदा होगा। फिर भी 3 दिसंबर को टेंडर खोल दिया गया। इसका प्राइज बिड जनवरी के पहले सप्ताह में ही खुलने वाला है।

टेंडर प्रक्रिया भी कठघरे में: निगम ने पेपर क्रय की निविदा जेम के माध्यम से निकाली है। इसमें प्रतिबंधात्मक शर्त दी गई है कि तीन साल में 42 हजार टन कागज बेचा हो। जबकि एनसीआरटी के टेंडर में ऐसी कोई शर्त नहीं होती है। टेंडर में सात कंपनियां आई हैं। जिसमें कुछ कंपनियों के कागज भी कम है। जैसे 2021-22 टर्नओवर का सर्टिफिकेट पेपर मिलों ने नहीं डाला है। अब क्लेरीफिकेशन मांगकर निविदा में लेने की तैयारी है।

एमओयू में लिखा है- ‘जैसा कि 80 जीएसएम’ : पाठ्य पुस्तक निगम के तत्कालीन एमडी संजीव झा का कहना है कि एनसीआरटी के साथ एससीआरटी का एमओयू हुआ था। उसमें यह शर्त थी कि एनसीआरटी की तरह 80 जीएसएम पर किताबें प्रकाशित हों। भास्कर ने जब वह एमओयू निकाला तो उसमें लिखा है कि 80 जीएसएम जैसा पेपर उपयोग किया जाए।

जानिए अभी जितनी किताबें चलन में हैं, अगर वे 80 जीएसएम में हुईं तो बच्चों के बस्ते का वजन इतना बढ़ जाएगा

केंद्रीय शिक्षा विभाग की 2020 में बनी नीति में हर क्लास के लिए बस्ते का वजन तय है। नई शिक्षा नीति छत्तीसगढ़ में लागू होने के बाद तीसरी से 5वीं तक 6 किताबें और 6वीं से 8वीं तक 9 किताबें हो जाएंगी। अभी तक केवल तीसरी और 6वीं में किताबें बढ़ीं हैं। इस बार चौ​थी और 7वीं में किताबें बढ़ने वाली हैं। भास्कर ने हर कक्षा की किताबों को तौला तो कई तय वजन से तीन गुना अधिक निकलीं।

जानिए 80 जीएसएम होने के बाद किस कक्षा की किताबों का कितना हो जाएगा वजन-

orig 1 1 1767308679
orig 2 1 1767308689
orig 3 1 1767309112

ऐसे समझें कागज खरीदी को

  • पहले- निगम ने पिछले साल 9 हजार मीट्रिक टन कागज खरीदा था। इसमें 8500 टन 70 जीएसएम और 11वीं-12वीं के लिए 500 टन 80 जीएसएम खरीदा। 10वीं तक किताबें मुफ्त में बंटती हैं, 11वीं-12वीं की किताबें बाजार में बिकती हैं।
  • अब- 11 हजार मीट्रिक टन खरीदने के लिए टेंडर निकाला गया है। इसमें 8000 टन 80 जीएसएम और 3000 टन 70 जीएसएम खरीदने जा रहे हैं। 200 टन 70 जीएसएम का कागज पुराना बचा हुआ है। ऐसे में 1800 टन अधिक पेपर खरीदना पड़ेगा।

सीधी बात – राजा पाण्डेय, अध्यक्ष, पाठ्य पुस्तक निगम

प्रशासकीय स्वीकृति की जरूरत नहीं

किताबों के लिए पेपर की खरीदी 70 से 80 जीएसएम क्यों कर रहे हैं? – केंद्र ने एनसीईआरटी की तर्ज पर कक्षा एक से आठ तक के लिए 80 जीएसएम में किताबें प्रकाशित करने का आदेश दिया है।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बिहार की तर्ज पर सिंगल टेंडर के लिए आदेश दिया है,फिर भी पेपर का टेंडर क्यों निकाला गया? – निगम का मूल उद्देश्य है पेपर खरीदना, छपवाना और बंटवाना। सरकारी प्रेस ​छापकर देती है। निगम का निर्माण न शिक्षा मंत्री ने किया है और ना मैंने। सिस्टम ने किया है। सिस्टम को खत्म करने की बात कहेंगे तो कैसे होगा।

80 जीएसएम करने पर 16 करोड़ का अतिरिक्त व्यय आएगा, इसके लिए प्रशासकीय स्वीकृति ली गई है? – प्रशासकीय स्वीकृति की जरूरत ही नहीं है। शासन का आदेश है,पालन कर रहे हैं।

9 हजार टन की जगह 11 हजार टन खरीदना पड़ रहा है? – पिछले साल कागज कम पड़ गया था। 23 लाख किताबें अलग से छापनी पड़ी थी। अभी एक किताब नहीं बची हुई है।

किताबें सालभर चलती हैं

बच्चों के बस्ते का बोझ निरंतर कम होना चाहिए। मोटा कागज लगाने पर किताबों का वजन बढ़ जाएगा। अभी जो किताबों का कागज बेहतर है। वह सालभर चल जाता है। – संजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ

दोबारा उपयोग नहीं होता

अभी स्कूलों में जो किताबें चल रही वह बहुत बेहतर कागज की हैं। मुफ्त में मिलने की वजह से इसका दोबारा उपयोग नहीं होता है। एनसीईआरटी की किताबें बिकती हैं, इस​लिए वह कई साल तक चलती हैं। -वीरेंद्र दुबे, प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला हुआ नक्सल मुक्त:7 नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिलेगी सरकारी नौकरी

June 28, 2026

कोरबा में अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई:खनिज विभाग ने 14 स्थानों पर छापा मारकर टीपर-ट्रैक्टर जब्त किए

June 28, 2026

बीजापुर में आवारा कुत्तों के लिए हाईटेक डॉग सेंटर:भट्टीपारा में 100 कुत्तों की क्षमता, एसी-कूलर, इलाज-भोजन की सुविधा

June 28, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13843/146
samvad add RO. Nu. 13843/146
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

076899
Views Today : 161
Views Last 7 days : 4209
Views Last 30 days : 11897
Total views : 107102
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.