रायपुर1 घंटे पहले
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छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड की हिंदी पेपर लीक मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड NSUI नेता वेणु उर्फ वेणु जंघेल को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। उसने 3 हजार रुपए में पेपर बेचा था। आरोपी पर छात्रों को पैसे लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और डिजिटल सबूत मिटाने का आरोप है।
पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। रायपुर क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। आरोपी बेमेतरा जिले के ग्राम बरसरा का रहने वाला है, लेकिन रायपुर के गोकुल नगर इलाके में रह रहा था।
देखिए आरोपी की नेताओं के साथ तस्तीरें

पूर्व सीएम भूपेश बघेल के साथ आरोपी की तस्वीर।

पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे के साथ आरोपी की तस्वीर।

टेलीग्राम से आरोपी ने लीक किया था पेपर।
अब पढ़िए क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, टेलीग्राम ग्रुप पर 13 मार्च 2026 की रात 12th बोर्ड हिंदी पेपर लीक हो गया था। दूसरे दिन 14 मार्च को हिन्दी की परीक्षा हुई थी। लेकिन एग्जाम के बाद पेपर लीक का जानकारी हुई। जिसके चलते इसे रद्द कर दोबारा 10 अप्रैल 2026 को आयोजित गया था।
पुलिस के मुताबिक, माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस उपायुक्त मध्य जोन के निर्देश में विशेष जांच टीम बनाई गई थी।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि, पेपर लीक से जुड़े लोग मोबाइल चैट, सोशल मीडिया रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से डिलीटेड डेटा रिकवर किया गया। पुलिस ने करीब 50 से ज्यादा छात्रों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की। जिसके बाद मुख्य आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।

एनएसयूआई नेता ने 3 हजार रुपए में पेपर बेचा था।
3 हजार में पेपर बेचा था पेपर
पुलिस जांच में सामने आया कि, आरोपी वेणु जंघेल छात्रों से 3 हजार रुपए लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराता था। आरोपी बेमेतरा जिले के ग्राम बरसरा का रहने वाला है। रायपुर के गोकुल नगर इलाके में रह रहा था। मामला सामने आने के बाद से वह फरार था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपने मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश भी की थी।
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। लगातार डिजिटल ट्रैकिंग, तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे बिलासपुर से पकड़ा गया।
चार दिन की रिमांड के दौरान आरोपी ने पेपर लीक नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और अन्य संलिप्त लोगों के बारे में अहम जानकारी दी है। पुलिस अब मामले में जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

शोभित नाम के युवक ने पेपर जीनियस एकेडमी के ग्रुप पर वायरल किया।
आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
आरोपी को 10 को मई गिरफ्तार करने और न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की पुष्टि कोतवाली पुलिस ने की है। कोतवाली निरीक्षक सतीश ठाकुर ने बताया कि, आरोपी से पूछताछ कर जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में केस से जुड़ी जानकारियां मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।
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पेपर लीक के सभी सवाल अगले दिन एग्जाम में भी आए थे।
लीक, लीक, लीक…एक रैंडम टेलीग्राम ग्रुप पर 13 मार्च, रात करीब 11 बजकर 10 मिनट पर ये मैसेज आया। मैसेज के साथ एक इमेज अटैच थी। आगे लिखा था 12th बोर्ड हिंदी पेपर, दो इमोजी और अगली लाइन…सीजी बोर्ड 2026 रियल क्वेश्चन पेपर। ग्रुप के सभी मेंबर्स ने बिना देरी किए सबसे पहले ये इमेज मोबाइल पर सेव कर ली। पढ़ें पूरी खबर…

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