महासमुंद में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर तहसील कार्यालय के पास शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित करने के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। आदिवासी समाज की परंपरागत पूजा-पाठ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिसमें कृषि मंत्री रामविचार नेताम म
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मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज गुरु घासी दास जयंती पूरे देश में मनाई जा रही है और इसी विशेष अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस भी मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में 50 करोड़ रुपए की लागत से आदिवासी समाज के योगदान को अमिट बनाने के लिए भव्य म्यूजियम बनाया गया है, जिसे देशभर के लोग देखने आ रहे हैं।

जनजातीय उत्थान और विकास के लिए बजट दिया गया- रामविचार नेताम
मंत्री ने कहा कि देश में 80 हजार करोड़ की लागत से जनजातीय उत्थान और विकास के लिए बजट दिया गया है। राज्य में धरती आबा और पीएम जनमन योजना संचालित हैं। उन्होंने आदिवासी गांवों में सड़क, बिजली, पानी और रोजगार की उचित व्यवस्था की जानकारी दी।
रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों को एकीकृत कृषि आधारित खेती और गाय पालन करने प्रोत्साहित किया जा रहा है। युवाओं को दिल्ली में निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई गई है और प्रयास स्कूल के माध्यम से बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।
मंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह को आदिवासी समाज और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ उनका संगठित संघर्ष देशभक्ति, साहस और त्याग का अनुपम उदाहरण है।

विधायक बोले-आदिवासी समाज स्वाभिमानी
विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि महासमुंद की पावन धरती पर शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित होना गर्व का विषय है। यह प्रतिमा जनजातीय समाज के संघर्ष, बलिदान और आत्मसम्मान की प्रतीक बनेगी।
उन्होंने बताया कि सरकार किसानों की आय दुगुनी करने के संकल्प के तहत 3200 करोड़ की लागत से सिकासर बांध और 650 करोड़ की लागत से सिरपुर बैराज का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज स्वाभिमानी है और अन्याय के खिलाफ झुकता नहीं।
अनुसूचित जनजाति आयोग और समाज के पदाधिकारियों का योगदान
अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस हमारे नायकों को स्मरण करने और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का दिन है। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी कमलेश ध्रुव और आर.एन. ध्रुव ने शहीद वीर नारायण सिंह और भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष और शहादत पर प्रेरक विचार साझा किए।
भूमिपूजन और समापन
कार्यक्रम के दौरान विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भूमिपूजन सम्पन्न किया गया। समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, परिक्षेत्र और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता के संदेश के साथ हुआ।
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