कृषि आदान (खाद, बीज एवं कीटनाशक) व्यापारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर 27 अप्रैल 2026 को देशव्यापी एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। इस दौरान बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा।
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Agro Input Dealers Association (AIDA), नई दिल्ली, देशभर के लगभग 5 लाख व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है। ज्ञापन में बताया गया कि ये व्यापारी पिछले कई वर्षों से विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिनकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
व्यापारियों की प्रमुख मांगों में खाद पर जबरन लिंकिंग पर रोक लगाना, उर्वरकों की एफओआर (फ्री ऑन रोड) आपूर्ति सुनिश्चित करना और डीलर मार्जिन को बढ़ाकर कम से कम 8 प्रतिशत करना शामिल है।

साथी पोर्टल, बीज नीति और लाइसेंस नियमों में बदलाव की मांग
इसके अतिरिक्त, उन्होंने साथी (SATHI) पोर्टल को ग्रामीण विक्रेताओं के लिए वैकल्पिक बनाने, एचटीबीटी (HTBT) बीज नीति में स्पष्टता लाने, विक्रेताओं को ‘साक्षी’ का दर्जा देने और एक्सपायर्ड कीटनाशकों की वापसी को अनिवार्य करने की मांग की। लाइसेंस संबंधी नियमों को सरल बनाने की बात भी कही गई।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि किसानों द्वारा की जाने वाली शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए जिला स्तर पर समिति गठित की जाए। साथ ही, छोटी-छोटी बातों पर लाइसेंस निलंबन की स्थिति में 21 दिनों के भीतर स्वतः बहाली का प्रावधान किया जाए।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो आगामी खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है। इससे कृषि व्यवस्था और किसानों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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