बजरंग दल ने गरबा आयोजनों को लेकर दी चेतावनी, 14 मांगों के साथ जिला प्रशासन से निर्देश जारी करने की मांग

नवरात्रि में होने वाले गरबा आयोजनों को लेकर बजरंग दल ने आयोजकों को चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि गरबा धार्मिक आयोजन हैं, इसलिए इन्हें सिर्फ मनोरंजन या इवेंट का रूप नहीं किया जाना चाहिए। रायपुर जिला संयोजक भूषण साहू ने कहा कि गरबा आयोजनों में धार्मिक मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर आयोजकों ने इसका पालन नहीं किया तो संगठन इसका विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि लातों के भूत बातों से कैसे मानेंगे हमें अच्छे से पता है।
भूषण साहू ने गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक समेत सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े 14 बिंदुओं को लेकर जिला प्रशासन से गरबा समितियों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है। यह मांग बजरंग दल ने जिलाधीश को दिए आवेदन में रखी है।
आवेदन में गरबा पंडालों में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की गई है। संगठन ने प्रवेश और निकास की अलग व्यवस्था, पहचान पत्र की जांच, सुरक्षा जांच, सीसीटीवी कैमरे और महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग की है। साथ ही शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था करने को कहा है।
संगठन का कहना है कि अगर गरबा पंडाल में छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार या किसी तरह का विवाद होता है तो आयोजक खुद कार्रवाई न करें, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचना दें। आवेदन में कहा गया है कि गरबा कार्यक्रमों में धार्मिक मर्यादा का ध्यान रखा जाए। अश्लील या आपत्तिजनक गतिविधियों, नारे और गानों पर रोक लगाने की मांग की गई है।
साथ ही आयोजकों से कहा गया है कि किसी विवाद की स्थिति में खुद कानून हाथ में न लें और न ही भीड़ से किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कराएं, बल्कि तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दें। इसके अलावा गरबा पंडालों में आग से बचाव के इंतजाम, बिजली की सुरक्षा, इमरजेंसी एग्जिट, प्राथमिक उपचार और भीड़ को संभालने की व्यवस्था रखने की भी मांग की गई है।
संगठन ने प्रशासन से शहर के प्रमुख गरबा पंडालों का निरीक्षण कराने और जरूरत के हिसाब से पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि नवरात्रि के दौरान धार्मिक मर्यादा बनी रहे और महिलाओं, बालिकाओं व श्रद्धालुओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। इसके लिए गरबा समितियों को 14 बिंदुओं पर साफ-साफ दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।




