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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के आत्मसमर्पण को कांग्रेस ने सरकार का “समर्पण इवेंट” बताया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि यह सरकार की नहीं, बल्कि पिछली कांग्रेस सरकार की विकास योजनाओं का असर है। हालांकि बैज ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों क
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कांग्रेस का आरोप- समर्पण इवेंट कर रही सरकार, काम नहीं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, “सरकार बताए कि ये नक्सली कौन हैं? नाम, पहचान, कौन से आपराधिक मामले इनपर दर्ज हैं? सरेंडर हथियारों के साथ हुआ या बिना हथियार के। उन्होंने कहा कि ये सरेंडर दरअसल कांग्रेस सरकार की नीतियों का असर है।
उन्होंने कहा, हमने बस्तर को सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल दिया। विकास गांव-गांव तक पहुंचाया। हमने माहौल बनाया, आज उसी का नतीजा है कि नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
बैज ने कहा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऐसा क्या किया कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर कर रहे हैं? सरकार जवाब दे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ फोटो खिंचवा रही है, लेकिन ज़मीनी सच्चाई छिपा रही है।
नक्सल सरेंडर को लेकर पहले भी उठा चुके हैं सवाल
बतादें कि नक्सलियों के सरेंडर को लेकर दीपक बैज ने पहले सरकार पर सवाल उठाए हैं। बैज ने कहा था कि सरकार आंकड़े बढ़ाने के लिए एक महीने पहले सरेंडर कर चुके नक्सलियों को भी दोबारा सरेंडर करा रही है। बतादें कि पिछले तीन दिनों में 400 से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया है।
गृहमंत्री का पलटवार – ये सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल जैसा गृहमंत्री विजय शर्मा ने बैज के आरोपों को लेकर कहा, “नक्सल सरेंडर पर सवाल उठाना, एयर स्ट्राइक या सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने जैसा है।”उन्होंने कहा कि कांग्रेस को झीरम घाटी की घटना याद होनी चाहिए, जहां उनके बड़े नेता मारे गए थे। “पांच साल तक रिपोर्ट जेब में रखकर बैठे रहे। अब जब हम नतीजा ला रहे हैं तो उस पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।”
तीन दिन में 405 नक्सलियों ने सरेंडर किया बस्तर संभाग के माड़ क्षेत्र में सक्रिय 208 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके साथ ही पिछले तीन दिनों में सरेंडर करने वाले नक्सलियों की संख्या 405 हो गई है। सरेंडर करने वाले नक्सली अधिकतर माड़ क्षेत्र से हैं, जो नक्सलियों का गढ़ माना जाता है।
रूपेश का सरेंडर सबसे बड़ा घटनाक्रम इस आत्मसमर्पण अभियान में सबसे बड़ी चर्चा रही माओवादी कमांडर रूपेश (असन्ना उर्फ सतीश) के सरेंडर की रही।रूपेश, उत्तर-पश्चिम उप-क्षेत्रीय प्रभारी था।
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