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भिलाई में साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक के साथ हुई ठगी के मामले में पुलिस ने राजस्थान के 6 आरोपियों को रायपुर से गिरफ्तार किया है। ठगों ने व्यापारी के एकाउंटेंड से अपने खाते में 20 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे। इसके अगले दिन दोबारा 48 लाख रुपए की डिमांड की थी। जिसके बाद व्यापारी ने सुपेला थाना में एफआईआर दर्ज करवाई थी। पुलिस ने बताया कि ठगों ने पहले कंपनी के एकाउंटेंट को APK फाइल भेजी। एकाउंटेंट ने गलती से वह फाइल डाउनलोड कर ली। इसके बाद एकाउंटेंट के मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला गया। आरोपी कई दिनों तक मोबाइल की गतिविधियों पर नजर रखते रहे और कंपनी के लेनदेन की पूरी जानकारी जुटा ली। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उन्होंने कंपनी से 20 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। मामला थाना सुपेला क्षेत्र का है। कई दिनों से जुटा रहे थे जानकारी
पुलिस जांच में पता चला कि ठगों ने सबसे पहले एकाउंटेंट के मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल करवाई थी। यह फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल का कंट्रोल आरोपियों के पास पहुंच गया। वे मोबाइल के मैसेज, कॉल, फोटो और व्हाट्सएप गतिविधियां लगातार देखते रहे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि कंपनी के डायरेक्टर श्रीचंद बत्रा आस्ट्रेलिया जा रहे हैं मालिक के बाहर जाते ही आरोपियों ने एकाउंटेंट के मोबाइल से उनकी फोटो निकाली और उसी फोटो को डीपी में लगाकर उन्होंने कंपनी के अकाउंटेंट को मैसेज भेजकर पैसे ट्रांसफर करने को कहा। चूंकि कंपनी में डायरेक्टरों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पेमेंट की प्रक्रिया चलती थी, इसलिए एकाउंटेंट को शुरुआत में शक नहीं हुआ। म्यूल खातों का किया इस्तेमाल, रायपुर में रह रहे थे
पुलिस ने राजस्थान के रहने वाले इन सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रायपुर में रह रहे थे। सभी बेरोजगार हैं। मोबाइल का एक्सेस लेने के बाद ठगों ने यह भी पता लगाया कि कंपनी किसे नियमित पेमेंट करती है और किन खातों में पैसा भेजा जाता है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्होंने 20 लाख रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। अगले दिन जब आरोपियों ने 48 लाख रुपए और भेजने का मैसेज किया, तब एकाउंटेंट को मामला संदिग्ध लगा। पैसे का ट्रांसफर म्यूल खातों में किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.20 लाख रुपए नकद, 6 मोबाइल, 10 डेबिट कार्ड, कई बैंक दस्तावेज, सिम कार्ड और पासबुक जब्त किए हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किया गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद दुर्ग पुलिस और एसीसीयू की टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी राजस्थान के रहने वाले हैं और रायपुर में लगातार होटल बदलकर रह रहे थे। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी तनिष्क होटल और आसपास के इलाकों में ठहरे हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे अलग-अलग शहरों में किराए के मकान और होटल में रहकर साइबर ठगी करते थे। आरोपी फर्जी बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर कर कमीशन बांटते थे। 3 बीकानेर और 3 आरोपी जोधपुर के रहने वाले हैं
– मुरली जनागल पिता आशुराम जी जनागल उम्र 19 वर्ष निवासी अमरपुरा थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान
– गोपाल सोनी पिता मदनमोहन सोनी उम्र 25 वर्ष निवासी चीपड़ाबाड़ी थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान
– मोती सिंह पिता नरेन्द्र सिंह उम्र 18 वर्ष निवासी सोइरा शेरगढ़ थाना शेरगढ़ जिला जोधपुर राजस्थान
– मोतीलाल शर्मा पिता गोपीकिशन शर्मा उम्र 18 वर्ष निवासी बापीनी थाना पतोड़ा जिला जोधपुर राजस्थान
– बनवारी शर्मा पिता रामेश्वरलाल शर्मा उम्र 28 वर्ष निवासी गंगाशहर बाफना स्कूल के सामने जिला बीकानेर राजस्थान
– पंकज शर्मा पिता अण्डभद्रा राव उम्र 24 वर्ष निवासी थाना लोहावट जिला जोधपुर राजस्थान
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