आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने जमीन बेचकर जुटाए 3.12 लाख रुपये साइबर ठगों ने उड़ाए, पश्चिम बंगाल से तीन आरोपी गिरफ्तार

मोहला-मानपुर जिले के खड़गांव थाना क्षेत्र के ग्राम वाको में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत 52 वर्षीय सुनीता निषाद अपने सपनों का घर बनाने के लिए अपनी पुश्तैनी 75 डिसमिल जमीन बेच दी। जमीन बेचकर उन्होंने 3.12 लाख रुपये जुटाए और यह रकम बैंक खाते में जमा कर मकान का निर्माण शुरू कराया। लेकिन उनका यह सपना साइबर ठगों की वजह से अधूरा रह गया।
सुनीता निषाद विभागीय काम और जानकारी साझा करने के लिए वाट्सएप का उपयोग करती थीं। इसी दौरान ठगों ने उनके मोबाइल पर एक APK फाइल भेज दी। सुनीता को पता भी नहीं चला कि वह फाइल कब उनके फोन में इंस्टॉल हो गई। फाइल इंस्टॉल होते ही ठगों ने उनके मोबाइल का पूरा कंट्रोल हासिल कर लिया।
इसके बाद 10 से 14 दिसंबर 2025 के बीच उनके बैंक खाते से सारी रकम निकाल ली गई। ठगी का पता सामान्य तरीके से नहीं चला। सुनीता के बेटे मुकुंद ने बताया कि उनकी मां के नंबर से उनके परिचितों के पास आर्थिक मदद मांगने के मैसेज जाने लगे। इस पर परिवार को शक हुआ।
10 जनवरी को जब बैंक खाते की जांच की गई तो होश उड़ गए। खाते में 3.12 लाख की जगह सिर्फ 1.75 रुपये बचे थे। जांच में पता चला कि ठगों ने पेटीएम के जरिए UPI ID बनाकर कई बार ट्रांजेक्शन किए थे।
खास बात यह है कि परिवार ने सुनीता के खाते का ATM कार्ड भी नहीं बनवाया था, फिर भी ठगों ने मोबाइल एक्सेस से पूरा पैसा निकाल लिया।
इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में आदित्य रजक और कृष्णा चौधरी शामिल हैं। दोनों 10वीं पास हैं और सहपाठी बताए जा रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी साल 2023 से सक्रिय हैं। इनके खिलाफ 14 राज्यों में 176 मामले दर्ज हैं। पुलिस को इनके खातों में 1.71 लाख लेन-देन का रिकॉर्ड भी मिला है। अकेले मोहला-मानपुर जिले में ही इनके खिलाफ 31 मामले दर्ज हैं।



