प्लास्टिक-पटाखा होलसेल दुकान में लगी भीषण आग देर रात तक नहीं बुझ सकी।
अंबिकापुर में मुकेश प्लास्टिक-पटाखा होलसेल दुकान में लगी भीषण आग देर रात तक नहीं बुझ सकी। करीब 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की टीमों ने निचली मंजिल के सामने स्थित दुकानों में लगी आग पर काबू पा लिया, लेकिन अंदर गोदाम और ऊपरी मंजिलों में
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जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे राम मंदिर के सामने गली में स्थित मुकेश प्लास्टिक-पटाखा एजेंसी में आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। करीब आधे घंटे बाद जब धुआं बाहर निकलने लगा, तब लोगों को आग लगने की जानकारी हुई।
तब तक आग फर्स्ट फ्लोर तक पहुंचकर लगभग बेकाबू हो चुकी थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गई। आग की भयावहता को देखते हुए दरिमा एयरपोर्ट, अडानी माइंस और एसईसीएल विश्रामपुर की फायर ब्रिगेड टीमों को भी बुलाया गया। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है।
देखिए पहले ये तस्वीरें-

शाम के समय आसपास के इलाके की बिजली काटी गई। आग पर काबू नहीं पाया जा सका है।

जहां आग लगी, वह घनी आबादी वाला इलाका है।

धुएं का गुबार 10 किलोमीटर दूर से दिखा।

गोदाम और ऊपरी मंजिलों में आग धधकती रही।
12 घंटे की मशक्कत के बाद भी आग बेकाबू
प्लास्टिक-पटाखा एजेंसी के जिस गोदाम में आग लगी, वहां पहले पटाखों का होलसेल कारोबार होता था। कुछ सालों से संचालक मुकेश अग्रवाल ने पटाखों की होलसेल एजेंसी दरिमा रोड पर शिफ्ट कर दी थी। इसके बावजूद आग लगने के बाद गोदाम में रखे पटाखों में घंटों तक विस्फोट होता रहा, जिससे स्पष्ट है कि वहां पटाखों का स्टॉक मौजूद था।
इसके अलावा दुकान में लाखों रुपए के प्लास्टिक सामान भी भरे हुए थे। पटाखों और प्लास्टिक सामग्री के कारण आग पूरी तरह बेकाबू बनी रही। रात करीब 12 बजे तक 110 से अधिक टैंकर पानी डालने के बाद भी आग को केवल सीमित क्षेत्र में ही काबू किया जा सका।

निचली मंजिल के सामने स्थित दुकानों में लगी आग पर काबू पा लिया है।
पड़ोस के लोगों को हटाया, बिजली रही गुल
आग पर काबू पाने के दौरान पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति काट दी गई, जिससे देर रात तक बड़े क्षेत्र में अंधेरा छाया रहा। आग की भयावह लपटें बाहर निकलने के कारण पीछे स्थित शुक्ला परिवार और बगल के एक अन्य परिवार के घरों में भी आग लग गई थी। सामने की दो दुकानों तक भी आग पहुंच गई थी, जिस पर समय रहते काबू पा लिया गया।
इस घटना के कारण 6 परिवारों के घरों में दोपहर से खाना नहीं बन सका। सभी परिवारों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्होंने सामने बने राम मंदिर के आश्रम में शरण ली। पूरे इलाके की बिजली बंद रहने से लोग गर्मी और उमस से काफी परेशान रहे। देर रात तक पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर मौजूद रहीं।

आग पर काबू पाने के दौरान पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति काट दी गई।
करोड़ों के नुकसान का अनुमान
प्लास्टिक और पटाखा एजेंसी में लगी भीषण आग से संचालक को करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका है। गोदाम और दुकान में रखा लाखों रुपए का प्लास्टिक सामान और पटाखे पूरी तरह जल गए। आग इतनी तेज थी कि तीन मंजिला इमारत कई घंटों तक जलती रही और पूरी तरह बर्बाद हो गई। आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। आग बुझने के बाद ही सही नुकसान का पता चल सकेगा।
गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे से चार फायर ब्रिगेड की टीमें आग बुझाने में जुटी हैं। अब तक करीब 100 टैंकर पानी डाला जा चुका है, लेकिन आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। जबकि पिछले 8 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और गोदाम से अब भी आग की लपटें निकल रही हैं।
दरिमा एयरपोर्ट और कोयला खदान की फायर ब्रिगेड टीमें भी मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
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दुकान से सटे एक घर में भी आग लग गई थी।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में प्लास्टिक-पटाखे की दुकान में भीषण आग लग गई। मुकेश प्लास्टिक की होलसेल शॉप में आग लगी है। जहां लाखों रुपए के प्लास्टिक के सामानों और पटाखों का भंडारण था। 1 घंटे के अंदर आग ने 2 मंजिला बिल्डिंग को चपेट में ले लिया। दुकान से सटे घर में भी आग लग गई। पढ़ें पूरी खबर…
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