सरगुजा54 मिनट पहले
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प्लास्टिक-पटाखा होलसेल दुकान में लगी भीषण आग देर रात तक नहीं बुझ सकी।
अंबिकापुर में मुकेश प्लास्टिक-पटाखा होलसेल दुकान में लगी भीषण आग पर 17-18 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया है। हालांकि ऊपरी मंजिल से अभी भी धुआं उठ रहा है, जिसके चलते फायर ब्रिगेड की टीम एहतियातन मौके पर तैनात है। इस घटना में तीन मंजिला इमारत का एक बड़ा हिस्सा भी ढह गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे राम मंदिर के सामने स्थित गली में मुकेश प्लास्टिक-पटाखा एजेंसी में आग लगी। करीब आधे घंटे बाद जब धुआं बाहर निकलने लगा, तब लोगों को आग लगने की जानकारी हुई। तब तक आग पहली मंजिल को अपनी चपेट में लेकर लगभग बेकाबू हो चुकी थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची गई।
इधर आग ज्यादा बढ़ती देख दरिमा एयरपोर्ट, अडानी माइंस और एसईसीएल विश्रामपुर की फायर ब्रिगेड टीमों को भी बुलाया गया, जबकि छह परिवारों को हटाया गया और सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। लगातार पानी की बौछार से इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है।
देखिए पहले ये तस्वीरें-

शाम के समय आसपास के इलाके की बिजली काटी गई। देर रात तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका।

जहां आग लगी, वह घनी आबादी वाला इलाका है।

धुएं का गुबार 10 किलोमीटर दूर से दिखा।

गोदाम और ऊपरी मंजिलों में आग धधकती रही।
12 घंटे की मशक्कत के बाद भी आग बेकाबू
प्लास्टिक-पटाखा एजेंसी के जिस गोदाम में आग लगी, वहां पहले पटाखों का होलसेल कारोबार होता था। कुछ सालों से संचालक मुकेश अग्रवाल ने पटाखों की होलसेल एजेंसी दरिमा रोड पर शिफ्ट कर दी थी। इसके बावजूद आग लगने के बाद गोदाम में रखे पटाखों में घंटों तक विस्फोट होता रहा, जिससे स्पष्ट है कि वहां पटाखों का स्टॉक मौजूद था।
इसके अलावा दुकान में लाखों रुपए के प्लास्टिक सामान भी भरे हुए थे। पटाखों और प्लास्टिक सामग्री के कारण आग पूरी तरह बेकाबू बनी रही। रात करीब 12 बजे तक 110 से अधिक टैंकर पानी डालने के बाद भी आग को केवल सीमित क्षेत्र में ही काबू किया जा सका। आग पर काबू पाने के दौरान पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति काट दी गई, जिससे देर रात तक बड़े क्षेत्र में अंधेरा छाया रहा।

निचली मंजिल के सामने स्थित दुकानों में लगी आग पर काबू पा लिया है।
पड़ोस के लोगों को हटाया
आग की भयावह लपटें बाहर निकलने के कारण पीछे स्थित शुक्ला परिवार और बगल के एक अन्य परिवार के घरों में भी आग लग गई थी। सामने की दो दुकानों तक भी आग पहुंच गई थी, जिस पर समय रहते काबू पा लिया गया। इस घटना के कारण 6 परिवारों के घरों में दोपहर से खाना नहीं बन सका।
सभी परिवारों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्होंने सामने बने राम मंदिर के आश्रम में शरण ली। पूरे इलाके की बिजली बंद रहने से लोग गर्मी और उमस से काफी परेशान रहे। शुक्रवार तड़के करीब 4-5 बजे आग पर काबू पाया गया है, लेकिन ऊपरी मंजिल से धुआं अभी उठ रहा है। दमकल टीम मौके पर मौजूद है।

आग पर काबू पाने के दौरान पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति काट दी गई।
करोड़ों के नुकसान का अनुमान
प्लास्टिक और पटाखा एजेंसी में लगी भीषण आग से संचालक को करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। गोदाम और दुकान में रखा लाखों रुपए का प्लास्टिक सामान और पटाखे पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की चपेट में आने से आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है, साथ ही आग लगने के कारणों की जांच भी जारी है।
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दुकान से सटे एक घर में भी आग लग गई थी।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में प्लास्टिक-पटाखे की दुकान में भीषण आग लग गई। मुकेश प्लास्टिक की होलसेल शॉप में आग लगी है। जहां लाखों रुपए के प्लास्टिक के सामानों और पटाखों का भंडारण था। 1 घंटे के अंदर आग ने 2 मंजिला बिल्डिंग को चपेट में ले लिया। दुकान से सटे घर में भी आग लग गई। पढ़ें पूरी खबर…

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