अंबेडकर अस्पताल में 7 में से 5 लिफ्ट बंद, मरीजों और परिजनों को हो रही भारी परेशानी


प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र अंबेडकर अस्पताल में मरीजों की आवाहन व्यवस्था सवालों के घेरे में है। यहां मरीजों के लिए लगी 7 लिफ्टों में से 5 बंद हैं। केवल 2 लिफ्ट ही चल रही हैं। अस्पताल की ओपीडी में रोज 2 हजार से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं। इसके अलावा भर्ती मरीज और उनके परिजन भी अलग-अलग मंजिलों तक आने-जाने के लिए लिफ्ट का उपयोग करते हैं। ऐसे में दो लिफ्टों पर पूरा दबाव आ गया है और इनके बाहर मरीजों व परिजनों की कतार लग रही है।
भास्कर ने बुधवार को अस्पताल पहुंचकर लिफ्टों की स्थिति की मौके पर पड़ताल की। इस दौरान आईसीयू की दोनों लिफ्ट बंद मिलीं। इसके अलावा ओपीडी, पीडियाट्रिक और ऑर्थो विभाग की एक-एक लिफ्ट भी नहीं चल रही थी। यानी अस्पताल की कुल 7 लिफ्टों में से मरीजों और परिजनों के लिए फिलहाल सिर्फ 2 ही उपलब्ध हैं।
पड़ताल के दौरान अस्पताल में मौजूद लोगों से बातचीत में सामने आया कि कुछ लिफ्ट लंबे समय से बंद हैं। कुछ लिफ्टों की बीच में मरम्मत भी कराई गई, लेकिन इसके बाद कुछ समय में दोबारा खराब होने की शिकायत है। इससे लिफ्टों के नियमित रखरखाव और मेंटेनेंस व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। रोज मरीजों और परिजनों को अस्पताल में 7 में से 5 लिफ्ट बंद होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
अस्पताल में एक ही समय में कई मरीजों को ओपीडी और अलग-अलग विभागों की मंजिलों तक पहुंचना होता है। 5 लिफ्ट बंद होने से चालू दोनों लिफ्टों के बाहर मरीजों और परिजनों को कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। सामान्य मरीजों के साथ बुजुर्ग, दिव्यांग और चलने में असमर्थ मरीजों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
भास्कर ने मौके पर देखा कि बंद पड़ी लिफ्टों के बाहर ऐसी कोई स्पष्ट सूचना या नोटिस नहीं लगा था, जिससे मरीजों और परिजनों को पता चल सके कि लिफ्ट खराब है और इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ऐसे में खासकर पहली बार अस्पताल आने वाले मरीज और परिजन लिफ्ट के आने का इंतजार करते रहते हैं। काफी देर बाद लिफ्ट नहीं आने पर उन्हें इसके बंद होने का पता चलता है। इसके बाद दूसरी चालू लिफ्ट तलाशनी पड़ती है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक कुछ लिफ्टों को मरीजों की सुरक्षा के लिए बंद किया गया है। कुछ लिफ्टें पुरानी हो गई हैं, जिनकी मरम्मत नहीं हो सकती। अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि हम जल्द ही चार नई लिफ्ट लगाएंगे।




