बलरामपुर के राजपुर तहसील के ग्राम कोदौरा सहित आसपास के छह गांव कोटडीह, भेण्डरी, परसवार खुर्द, करमडीहा और पकराडी में भूमि नामांतरण में बड़ी गड़बड़ी का आरोप है। ग्रामीणों ने कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज को ज्ञापन सौंपकर शिकायत की है।
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ज्ञापन में बताया गया है कि लगभग 60 से 70 एकड़ शासकीय और निजी भूमि का नामांतरण ऑनलाइन दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर कथित रूप से एक ही परिवार के सदस्यों के नाम कर दिया गया है। शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने तहसीलदार राजपुर और संबंधित पटवारी की भूमिका पर संदेह जताया है।
ऑनलाइन दस्तावेजों में बदलाव से ग्रामीणों को हुआ खुलासा
उनका आरोप है कि यह नामांतरण सिर्फ एक वर्ष के भीतर किया गया है, जबकि संबंधित परिवार को ग्राम कोदौरा में बसे हुए एक साल भी पूरा नहीं हुआ है। यह मामला तब सामने आया, जब धान पंजीयन के लिए गांव के भू-स्वामियों ने अपने ऑनलाइन दस्तावेज निकाले।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर आक्रोश
इसमें कई स्थानों पर मूल भू-स्वामियों के नाम के बजाय कथित तौर पर उस परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज पाए गए। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले में एक सप्ताह पहले तहसीलदार और पटवारी को आवेदन देकर अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कलेक्टर से उच्च-स्तरीय जांच और FIR की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से इस पूरे मामले की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज करने की भी अपील की है। ग्रामीणों ने अपने आवेदन के साथ तहसीलदार को दी गई शिकायत की कॉपी और ऑनलाइन दस्तावेजों की प्रतियां भी संलग्न की हैं। इस मामले में कलेक्टर कार्यालय से 09 दिसम्बर 2025 तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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