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एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से दुनिया बदल रहा है। कंपनियां अब भर्ती से लेकर कामकाज तक में इसका इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। लेकिन क्या एआई इंसानों की जगह ले लेगा? क्या आने वाले समय में नौकरियां कम हो जाएंगी? ऐसे कई सवालों पर शनिवार को भिलाई में देश-दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के एचआर एक्सपर्ट ने खुलकर अपनी बात की। इस दौरान एक्सपर्ट ने ये भी बताया कि आज जो पढ़ाई कॉलेज और यूनिवर्सिटी में हो रहे हैं, इसमें अपडेट होते रहने चाहिए। क्योंकि आज टेक्नॉलाजी में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। लेकिन सिलेबस और कैरिकुलम लंबे समय तक अपडेट नहीं होते हैं, ऐसे में यह एक बड़ा गैप है, जिस पर काम करने की जरूरत है। एआई में सबसे ज्यादा मिलेंगे अवसर : आर्या
एडोबी के ग्लोबल एचआर हेड समर्थ आर्या ने कहा कि आज हर कोई एआई की बात कर रहा है, लेकिन सिर्फ एआई ही पूरी दुनिया नहीं बदल रहा। एआई को चलाने के लिए क्लाउड, सर्वर और साइबर सिक्योरिटी जैसी टेक्नोलॉजी भी जरूरी है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मौके बनेंगे। उन्होंने कहा कि जहां एआई होगा, वहां साइबर सिक्योरिटी की जरूरत और बढ़ेगी। इसलिए छात्रों को इस फील्ड पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं फिनास्ट्रा के ग्लोबल एचआर हेड मोहिन मोहम्मद ने कहा कि एआई कितना भी आगे बढ़ जाए, लेकिन इंसानी सोच और भावनाओं की बराबरी नहीं कर सकता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एआई तकनीकी जवाब दे सकता है, लेकिन सही और गलत का फैसला इंसान ही कर सकता है। अगर कोई गलत सोच के साथ सवाल पूछेगा तो एआई भी उसी दिशा में जवाब देगा। इसलिए एआई का इस्तेमाल समझदारी से करना जरूरी है। आने वाला समय बड़े बदलाव का होगा : रामकृष्णमूर्ति ऑटोरैबिट के ग्लोबल हेड पीपुल ऑपरेशन संकेत रामकृष्णमूर्ति ने कहा कि जिन नौकरियों में ज्यादा ऑटोमेशन होगा, वहां खतरा बढ़ सकता है। लेकिन जो लोग एआई का सही इस्तेमाल सीख लेंगे, उनके लिए नए मौके भी बनेंगे। उन्होंने बताया कि अब कंपनियां यह सोच रही हैं कि ज्यादा कर्मचारियों की भर्ती करें या एआई टूल्स पर निवेश बढ़ाएं। यही आने वाले समय का बड़ा बदलाव है। वहीं रॉयल साइबर के ग्लोबल एचआर लीडर दीपक बंसल ने बताया कि अब कैंपस प्लेसमेंट में एआई के जरिए रिज्यूमे की स्क्रीनिंग हो रही है। हजारों रिज्यूमे कुछ सेकंड में स्कैन किए जा रहे हैं। इसलिए छात्रों को हर नौकरी के हिसाब से अपना रिज्यूमे तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि झूठे स्किल्स लिखने से इंटरव्यू में मुश्किल बढ़ सकती है। एआई को सिर्फ टूल्स की तरह करें इस्तेमाल : नीलम इबे के टैलेंट एक्वीजेशन लीडर वेंकटेश नीलम ने कहा कि एआई को सिर्फ एक सहायक की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। यह आपकी मदद कर सकता है, लेकिन जिंदगी के फैसले नहीं ले सकता। वहीं ग्रांट थोरंटन के डायरेक्टर रोहित गुप्ता ने कहा कि जो लोग सिर्फ एआई से कॉपी-पेस्ट करेंगे, वे आगे चलकर फंस सकते हैं। लेकिन जो लोग सही सवाल पूछना सीख जाएंगे, वे दूसरों से आगे निकलेंगे। भिलाई की रूंगटा यूनिवर्सिटी में देश-दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के एचआर एक्सपर्ट्स ने यह पूरी बात खुलकर रखी। कार्यक्रम में वक्ताओं ने छात्रों को लगातार नई चीजें सीखते रहने, अपनी बेसिक समझ मजबूत रखने और किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञ बनने की सलाह दी। यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति संतोष रूंगटा, कुलपति डॉ. जवाहर सूरीशेट्टी, प्रो-चांसलर डॉ. सौरभ रूंगटा और सीईओ सोनल रूंगटा भी मौजूद रहे।
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