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अदाणी विद्या मंदिर, सरगुजा ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग से प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है।
इस मान्यता के साथ एवीएम सरगुजा ग्रामीण छत्तीसगढ़ का पहला विद्यालय बन गया है, जिसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सख्त मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरने के बाद मान्यता मिली है। एनएबीईटी मान्यता यह दर्शाती है कि विद्यालय की शैक्षणिक, शिक्षण-अधिगम और प्रशासनिक व्यवस्थाएं उच्चतम गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं। यह उपलब्धि अदाणी फाउंडेशन की ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में शिक्षा सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है।
अदाणी विद्या मंदिर, सरगुजा, सरगुजा जिले के दूरस्थ जनजातीय गाँव सलही में स्थित है। यह सीबीएसई से संबद्ध विद्यालय मुख्य रूप से उन बच्चों को शिक्षा प्रदान करता है, जिनकी भूमि को कोयला खनन परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित किया गया है। विद्यालय सभी छात्रों को शुल्क-मुक्त शिक्षा, पुस्तकें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, पौष्टिक नाश्ता और दोपहर का भोजन उपलब्ध कराता है।
विद्यालय ने 5 और 6 फरवरी, 2025 को एनएबीईटी की ऑन-साइट अंतिम मूल्यांकन परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी की। इस मान्यता से विद्यालय में छात्रों को महानगरों के स्कूलों के समकक्ष सुविधाएँ मिलेंगी, जिनमें ई-लर्निंग आधारित कंप्यूटर शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, खेल सुविधाएं और सुव्यवस्थित लाइब्रेरी शामिल हैं। एनएबीईटी मान्यता यह सुनिश्चित करती है कि विद्यालय की सभी प्रक्रियाएँ व्यवस्थित, निगरानी-पोषित और परिणाम-उन्मुख हैं। इसके तहत शिक्षक प्रशिक्षण और सतत विकास पर जोर दिया जाएगा, जिससे कक्षा का अनुभव और अधिक समृद्ध होगा। छात्रों का बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक और सांस्कृतिक विकास संतुलित रूप से होगा। सरगुजा के शांत ग्रामीण एवं घने वन क्षेत्र में स्थित यह विद्यालय छत्तीसगढ़ का पहला स्कूल है, जिसने यह उपलब्धि हासिल की। अदाणी विद्या मंदिर, सरगुजा की यह सफलता ग्रामीण भारत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का एक मानदंड स्थापित करती है और विद्यालय के शिक्षण समुदाय की कड़ी मेहनत और निष्ठा को सम्मानित करती है।
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