दुर्ग प्रशासन ने त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए सघन जांच अभियान चलाया है। इस दौरान 70 खाद्य नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया है, जबकि दो दुकानों पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। एक अन्य प्रतिष्ठान पर 20 हजार रुपए क
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खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा जिले भर के होटलों, ढाबों, किराना दुकानों, डेयरी और मिठाई दुकानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। अब तक मिठाइयों, नमकीन, आटा, मैदा, साबूदाना, घी, सूजी, बेसन, तेल, बेकरी प्रोडक्ट और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर सहित कुल 70 नमूने एकत्र कर खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
बिना लाइसेंस चल रही थीं दो बेकरी, 25-25 हजार का जुर्माना
निरीक्षण के दौरान, भिलाई सुपर बेकरी महराज्य चौक और भिलाई सुपर बेकरी पदमनाभपुर को बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करते पाया गया। इन दोनों प्रतिष्ठानों पर 25,000-25,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, अनुज्ञप्ति नवीनीकरण न कराने और अवमानक मसाले बेचने के मामले में क्वालिटी मसाला धमधा को न्यायालय द्वारा 20,000 रुपए का अर्थदंड लगाया गया है।

स्वाद या रंग में गड़बड़ी लगे तो तुरंत करें शिकायत
खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र नेने ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को मिठाई या खाद्य उत्पाद में गंध, स्वाद या रंग को लेकर संदेह हो, तो वह तुरंत शिकायत दर्ज करा सकता है। विभाग ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। उन्होंने सलाह दी कि ग्राहक खरीदते समय उत्पाद को सूंघकर या थोड़ा चखकर जांच सकते हैं और बदलाव महसूस होने पर शिकायत करें या उत्पाद न खरीदें।
दुर्ग की जलाराम मिठाई दुकान के संचालक राज आडतिया ने ग्राहकों को जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को किसी भी प्रतिष्ठित दुकान से ही मिठाई खरीदनी चाहिए, क्योंकि वहां गुणवत्ता की संभावना अधिक होती है। उन्होंने शुद्धता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।


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