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छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अर्जुन्दा निवासी 25 वर्षीय जागृति केसरी ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। जागृति, बस स्टैंड अर्जुन्दा में पान ठेला संचालित करने वाले बसंत केसरी उर्फ पप्पू केसरी की बेटी थी।
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शुक्रवार दोपहर करीब 2.30 बजे जब पिता भोजन करने घर पहुंचे तो उन्होंने अपनी बेटी को पंखे से लटका हुआ पाया। सदमे में उन्होंने तुरंत घर के पास चल रहे भागवत में मौजूद लोगों को सूचना दी। करीब 3.30 बजे पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को नीचे उतरवाया और अर्जुन्दा पुलिस ने उसे गुंडरदेही पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शाम को अर्जुन्दा के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया।
ननिहाल में रह रही थी युवती
पुलिस के मुताबिक मृतका पिछले 8 वर्षों से राजनांदगांव में अपने नाना-नानी के घर रह रही थी। वहीं युवती ने B.Ed की पढ़ाई पूरी की और एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्य कर रही थीं। विवाह योग्य होने और लगातार रिश्ते आने के बाद माता-पिता ने बेटी को कुछ समय पहले ही अर्जुन्दा वापस बुला लिया था।
घटना से हर कोई हैरान
घटना से आसपास के लोग भी हैरान हैं, क्योंकि युवती पास में चल रहे भागवत कार्यक्रम में नियमित रूप से शामिल हो रही थी। गुरुवार को ही वह अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ पूर्ण उत्साह के साथ नृत्य करती नजर आई थी। लेकिन शुक्रवार को अचानक फांसी लगा लेने के कारण को लेकर परिवार पूरी तरह असमंजस में है।
अर्जुन्दा पुलिस का कहना है कि बयान और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आत्महत्या की वास्तविक वजह क्या रही है। वर्तमान में मामले की जांच जारी है।
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