Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » A discussion on Surdas’s romantic poetry from a new perspective | सूरदास के श्रृंगार काव्य पर नए दृष्टिकोण से विमर्श: PRSU रायपुर में एक दिवसीय व्याख्यान आयोजित, भक्ति, प्रेम और सामाजिक चेतना पर हुई लंबी चर्चा – Raipur News
Breaking News

A discussion on Surdas’s romantic poetry from a new perspective | सूरदास के श्रृंगार काव्य पर नए दृष्टिकोण से विमर्श: PRSU रायपुर में एक दिवसीय व्याख्यान आयोजित, भक्ति, प्रेम और सामाजिक चेतना पर हुई लंबी चर्चा – Raipur News

By adminDecember 29, 2025No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
whatsapp image 2025 12 29 at 171639 1767019783
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email



whatsapp image 2025 12 29 at 171639 1767019783

“सूरदास का श्रृंगार : नए परिप्रेक्ष्य, नए अध्याय” विषय पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के साहित्य एवं भाषा अध्ययन शाला में 29 दिसंबर को एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल के संरक

.

इसकी अध्यक्षता प्रो. मधुलता बारा ने की, जबकि संयोजन का दायित्व डॉ. गिरजाशंकर गौतम ने निभाया।व्याख्यान के मुख्य सारस्वत वक्ता बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी (उत्तर प्रदेश) के हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मुन्ना तिवारी रहे।

उन्होंने सूरदास के श्रृंगार काव्य को भक्ति, प्रेम और सामाजिक चेतना के व्यापक संदर्भ में एक्सप्लेन किया। प्रो. तिवारी ने जायसी और सूरदास की रचनाओं का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए कृष्ण–राधा प्रेम की विशिष्टताओं को रेखांकित किया।

उन्होंने सूरदास के पदों को साक्ष्य रूप में प्रस्तुत करते हुए गोपियों और कृष्ण की प्रेमलीला एवं रासलीला का सजीव वर्णन किया। “राधा-श्याम रंग नाच्यो” जैसे पदों के माध्यम से सूर के काव्य-सौंदर्य और भाव गहनता को स्पष्ट किया।

उन्होंने कहा कि द्वारिका के सामाजिक दायित्व निभाने वाले कृष्ण और गोकुल के प्रेममय कृष्ण—इन दोनों रूपों का द्वैत सूरदास के काव्य में अत्यंत मार्मिक ढंग से अभिव्यक्त हुआ है। साथ ही अंतःपुर बसाने के रहस्य, प्रेमसुख और वात्सल्यसुख के मानवीय पक्षों पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने यह भी बताया कि सूरदास ने वात्सल्य और श्रृंगार के पारंपरिक बंधनों को तोड़ते हुए स्त्री-अनुभूति को नया स्वर दिया। प्रो. तिवारी ने कहा कि आज जिस स्त्री विमर्श की चर्चा की जाती है, उसकी जड़ें सूरदास के काव्य में विद्यमान हैं।

जहां अनेक मध्यकालीन कवियों पर स्त्री-विरोधी दृष्टि का आरोप लगाया जाता है, वहीं सूरदास स्त्री के विविध रूपों का सम्मानपूर्ण चित्रण करते हुए उसके पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। उनके काव्य में किसान-बोध, ब्रज संस्कृति और लोकजीवन की सूक्ष्म झलक स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनुसुइया अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। व्याख्यान में विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक, शोधार्थी, विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

यह आयोजन सूरदास के काव्य को नए दृष्टिकोण से समझने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, जिसने श्रोताओं में भारतीय भक्ति साहित्य के प्रति गौरव और आत्मीयता की अनुभूति कराई।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

हिट एंड रन मुआवजा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुई चर्चा

June 27, 2026

Chhattisgarh Truck Driver Hits Child | Police Chase

June 27, 2026

बीजापुर में युवक पर भालू का हमला:युवक गंभीर रूप से घायल, जगदलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर, वन विभाग ने किया अलर्ट

June 27, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13843/146
samvad add RO. Nu. 13843/146
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

076471
Views Today : 330
Views Last 7 days : 3740
Views Last 30 days : 11545
Total views : 106545
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.