कोरबा जिले के पुलिस लाइन में उस समय हड़कंप मच गया जब बच्चों के खेलने की जगह के पास एक 7 फीट लंबा अजगर देखा गया। यह अजगर लकड़ी के ढेर में छिपा हुआ था। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इसे जंगल में छोड़ना आवश्यक समझा गया।
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आरक्षक सुरेश कुमार ने तत्काल वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के अध्यक्ष जितेंद्र सारथी को इसकी सूचना दी। सारथी ने कुछ ही देर में पुलिस लाइन की नई बिल्डिंग पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

स्नेक कैचर ने अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया
सबसे पहले बच्चों को उस स्थान से दूर हटाया गया। इसके बाद, जितेंद्र सारथी ने बड़ी सावधानी से अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू कर एक थैले में डाला। इस दौरान, पुलिस लाइन के निवासी अपनी बालकनी से इस रेस्क्यू ऑपरेशन को उत्सुकता से देख रहे थे।

रेस्क्यू टीम ने अजगर को सुरक्षित जंगल में छोड़ा
रेस्क्यू के बाद अजगर को उसके प्राकृतिक आवास जंगल में छोड़ दिया गया। आरक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि पुलिस लाइन में सैकड़ों पुलिसकर्मी परिवार सहित रहते हैं और बच्चे अक्सर नीचे खेलते हैं। जिस जगह अजगर कुंडली मारकर बैठा था, बच्चे वहीं छिपने गए थे, जिससे एक बड़ी घटना टल गई।

स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि अजगर काटता नहीं है, लेकिन यदि यह किसी को जकड़ ले तो उसकी मौत भी हो सकती है। उन्होंने इसे एक खतरनाक और फुर्तीला अजगर बताया।
पुलिस लाइन के आसपास जंगल और नर्सरी होने के कारण सांप निकलने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। जितेंद्र सारथी ने यह भी बताया कि उनकी टीम कोरबा जिले के बालको, दर्री, एनटीपीसी, छुरी, कटघोरा सहित कई अन्य क्षेत्रों में जीवों को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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