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अवैध कोल लेवी वसूली प्रकरण में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी जयचंद कोशले के खिलाफ सोमवार, 15 दिसंबर 2025 को माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रायपुर में लगभग 1000 पेज का अभियोग पत्र पेश किया है।
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जयचंद कोशले इस समय केन्द्रीय जेल रायपुर में बंद हैं। जयचंद पर 7–8 करोड़ रुपए की अवैध कोल लेवी सौम्या चौरसिया तक पहुंचाने का आरोप। डायरी और व्हाट्सएप चैट्स में “जय” नाम की एंट्रियों से लेन-देन की पुष्टि हुई है। आरोपी ने अवैध रकम से खुद और परिवार के नाम पर संपत्तियां खरीदीं हैं, इसकी जांच जारी है।
बता दें कि अवैध कोल लेवी केस में अब तक कुल 20 आरोपियों पर चालान, आगे और नाम जुड़ने के संकेत।
EOW के अनुसार, इस प्रकरण में पहले
- जुलाई 2024 में 15 आरोपियों
- अक्टूबर 2024 में 2 आरोपियों
- अक्टूबर 2025 में 2 आरोपियों और अब जयचंद कोशले को मिलाकर कुल 20 आरोपियों के खिलाफ चालान प्रस्तुत किया जा चुका है।
पहले चालान में सौम्या चौरसिया, रानू साहू, समीर विश्नोई, सूर्यकांत तिवारी, निखिल चंद्राकर सहित कई नाम शामिल थे।
सौम्या चौरसिया का करीबी, CM सचिवालय में था निज सहायक
EOW के मुताबिक, आरोपी जयचंद कोशले उर्फ जय, तत्कालीन मुख्यमंत्री सचिवालय में सौम्या चौरसिया का निज सहायक था।जांच में सामने आया है कि वह अवैध कोल लेवी से वसूली गई भारी नगद राशि का वास्तविक रिसीवर और मध्यस्थ था।
डायरी और डिजिटल सबूतों से खुलासा
जांच के दौरान जब्त डायरी में “जय” नाम से दर्ज सभी प्रविष्टियां जयचंद कोशले और सौम्या चौरसिया से जुड़ी पाई गई हैं। डायरी में दर्ज एंट्रियां अवैध लेन-देन की पुष्टि करती हैं।
इसके अलावा—
- सूर्यकांत तिवारी और अन्य आरोपियों के मोबाइल से
- व्हाट्सएप ग्रुप की रियल-टाइम एंट्रियां
- डिजिटल चैट्स और हिसाब-किताब भी बरामद किए गए हैं, जिनमें “जय” के नाम से रकम की जानकारी दर्ज है।
7 से 8 करोड़ की वसूली, संपत्तियों में निवेश
EOW का दावा है कि जयचंद कोशले ने
- सूर्यकांत तिवारी के निवास और अन्य स्थानों से
- सौम्या चौरसिया के निर्देश पर
करीब 7 से 8 करोड़ रुपये की अवैध कोल लेवी की रकम प्राप्त की।इस रकम का एक हिस्सा उसने अपने और परिवार के नाम पर संपत्तियां खरीदने में निवेश किया है। इन संपत्तियों की जांच अभी जारी है।
टुटेजा–सौम्या चैट्स से भी कड़ी जुड़ी
जांच में अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया के बीच मिले चैट्स से यह भी सामने आया है कि जयचंद कोशले गोपनीय फाइलें और दस्तावेज सौम्या के निर्देश पर अनिल टुटेजा तक पहुंचाता था।
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