सड़क हादसों में शून्य मौत के लक्ष्य पर मिशन मोड में काम करने के निर्देश, सीएम साय ने परिवहन विभाग की समीक्षा की

राज्य सरकार ने बढ़ते सड़क हादसों पर चिंता जताई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा जीरो करने या न्यूनतम करने के लिए मिशन मोड पर काम करने को कहा।
सीएम ने ‘जीरो फेटेलिटी’ यानी सड़क हादसे में जीरो मौत के लक्ष्य के लिए परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और नगरीय निकाय विभाग को मिलकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली प्रत्येक संभावित जनहानि को रोकना होना चाहिए। इसके लिए दुर्घटना से पहले रोकथाम और दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता एवं उपचार, दोनों स्तरों पर व्यवस्था मजबूत करनी होगी।
सीएम ने कहा कि पीएम-राहत योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रविधान है। वहीं राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।




