कांग्रेस नेता पर जानलेवा हमले के मुख्य आरोपित दीपक तिवारी गिरफ्तार, नेपाल भागा था

बिलासपुर में कांग्रेस नेता पर जानलेवा हमले की साजिश में फरार चल रहे मुख्य आरोपित दीपक तिवारी (29) को तारबाहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग गया था। घटना के बाद से वह लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था।
सीएसपी गगन कुमार (आइपीएस) ने बताया कि घटना चार जुलाई की सुबह की है। पुराना बस स्टैंड के पास रहने वाले शिशिर कश्यप ने तारबाहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता श्याम कश्यप सुबह करीब 6:45 बजे मार्निंग वाक के लिए निकले थे। रेलवे अस्पताल के पास तीन नकाबपोश युवकों ने डंडे और नुकीली वस्तु से हमला करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। रिपोर्ट पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के साथ तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया गया। इसी आधार पर घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान हुई और संदिग्धों के संबंध में पुलिस को सुराग मिले। तकनीकी साक्ष्यों से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की पहचान हुई और संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
जांच में सामने आया कि दीपक तिवारी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र से तीन बदमाशों को बिलासपुर लेकर आया था। उसने कांग्रेस नेता की पहचान कराई, जिसके बाद हमलावरों ने रेलवे अस्पताल के पास उन पर हमला किया। मामले में नितिन टेकाम, एक नाबालिग, आंचल साहिल और नवीन पटेल को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्य आरोपित दीपक की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर निगरानी कर रही थी। तारबाहर पुलिस और साइबर टीम ने उसकी गतिविधियों से संबंधित तकनीकी जानकारी जुटाई। संभावित ठिकानों पर निगरानी के साथ पुलिस ने लगातार दबिश की कार्रवाई की। इसी दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों से आरोपित की मौजूदगी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने उसकी घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपित के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पूछताछ और अन्य कानूनी कार्रवाई के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।




