Sukma Ashram Superintendent Removed | Child Labor Controversy Action

सुकमा जिले के कोर्रा स्थित 100 सीटर बालक आश्रम-छात्रावास के अधीक्षक मिड़ियामी हांदा को पद से हटा दिया गया है। बच्चों से पढ़ाई के बजाय खेतों में धान की रोपाई कराने, भोजन में कटौती और शाम का नाश्ता नहीं देने के आरोपों के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की ह
.
मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी की टीम ने कोर्रा आश्रम का दौरा किया। अधिकारियों ने छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं।
भोजन और शाम को नाश्ता नहीं कराने की शिकायत
जांच के दौरान बच्चों ने खेतों में काम कराने के साथ-साथ भोजन और शाम के नाश्ते की व्यवस्था में कमी की शिकायत की। कुछ विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि, विरोध करने पर उनके साथ कथित दुर्व्यवहार किया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर और पदेन जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा जिला सुकमा ने कार्रवाई की। 20 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर तत्कालीन अधीक्षक को उनके पद से हटाकर भारमुक्त कर दिया गया। छात्रावास की व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए नई जिम्मेदारी भी तय की गई है।

हटाए गए अधीक्षक
प्रशासनिक आदेश के बाद हटाए गए अधीक्षक को उनकी मूल संस्था के लिए भारमुक्त कर दिया गया है। वहीं, कोर्रा स्थित पोटाकेबिन हाई स्कूल के प्रभारी प्राचार्य को 100 सीटर बालक छात्रावास कोरी का प्रभारी दायित्व सौंपा गया है।
दैनिक भास्कर में 8 अगस्त को खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और त्वरित जांच की। इस कार्रवाई से अभिभावकों और ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है। अब छात्रावास में बच्चों की पढ़ाई, भोजन, नाश्ता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था पर बेहतर निगरानी की उम्मीद है।
ये खबर भी पढ़िए- सुकमा-आश्रम के बच्चों से खेत में काम कराने का आरोप:पढ़ाई के समय काम कराने, नाश्ता न मिलने की शिकायत,शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच




