बगिया में किसान बने CM विष्णुदेव साय:खेत में हल चलाकर बियासी की, दिव्यांग छात्रा को दिया लैपटॉप, महादेव मंदिर में की पूजा-अर्चना

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को अपने गृहग्राम बगिया का दौरा किया। इस दौरान वे किसान की भूमिका में नजर आए और उन्होंने पारंपरिक तरीके से खेत में बियासी की। साथ ही, उन्होंने एक दृष्टिबाधित छात्रा को लैपटॉप भी प्रदान किया। सुबह मुख्यमंत्री खेत पहुंचे और बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाकर बियासी की। उन्होंने इस अवसर पर खेती-किसानी से जुड़ी अपनी पुरानी यादें साझा कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान परिवार से होने के कारण खेती उनके लिए केवल आजीविका नहीं, बल्कि जीवन का एक संस्कार है।मुख्यमंत्री साय ने गांव, माटी और खेत से जुड़ाव को सुकून देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की कृषि परंपरा और मेहनतकश किसानों से जुड़ी है। किसानों का परिश्रम प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने आधुनिकता के दौर में भी अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहने की आवश्यकता पर बल दिया। बगिया स्थित अपने निवास पर मुख्यमंत्री ने कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गोरिया निवासी कॉलेज छात्रा जयमंती खेस को लैपटॉप भेंट किया। शत-प्रतिशत दृष्टिबाधित जयमंती रायपुर के डिग्री गर्ल्स कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। उन्होंने पढ़ाई के लिए लैपटॉप उपलब्ध कराने का अनुरोध कलेक्टर जनदर्शन में किया था। छात्रा की आवश्यकता को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर से लैस लैपटॉप उपलब्ध कराया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से जयमंती को यह लैपटॉप सौंपा। लैपटॉप मिलने पर छात्रा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। जयमंती ने शिक्षक बनने की इच्छा जताई इस दौरान मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से पूछा कि वह आगे क्या बनना चाहती हैं। जयमंती ने शिक्षक बनने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं और उन्हें अपने लक्ष्य के लिए पूरी लगन से मेहनत करने की शुभकामनाएं दीं। लैपटॉप में टॉकबैक सॉफ्टवेयर भी इंस्टॉल किया गया है, जिससे स्क्रीन पर उपलब्ध सामग्री को आवाज के माध्यम से समझकर पढ़ाई करना आसान होगा। गजरथ यात्रा को मिली नई पहचान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया कैम्प कार्यालय में जशपुर वनमंडल के मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के लिए चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अधिकारी मौजूद रहे। गजरथ यात्रा के माध्यम से हाथी प्रभावित गांवों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचकर ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को हाथियों के व्यवहार, विचरण क्षेत्र और सुरक्षित व्यवहार की जानकारी दी जा रही है। अभियान का उद्देश्य हाथियों को लेकर भय और भ्रांतियों को दूर कर मानव-हाथी सह-अस्तित्व की भावना विकसित करना है। वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों की जानकारी समय पर ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए ‘राज संकेत’ ऐप सहित आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर प्रभावित गांवों में मोबाइल संदेश के माध्यम से अलर्ट पहुंचाया जाता है। इस अवसर पर हाथी-मानव द्वंद्व प्रबंधन और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले वनकर्मियों को मुख्यमंत्री के हाथों प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें वनक्षेत्राधिकारी कृपा सिंधु पैकरा, उपवनक्षेत्रपाल अजित एक्का, बीएफओ नरेश कुजूर और बीएफओ राजेन्द्र पैकरा शामिल रहे। फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय और परिवार के साथ बगिया स्थित श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मैनी नदी के तट पर स्थित मंदिर में 17 से 19 अगस्त तक एक लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन का तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन चल रहा है। मुख्यमंत्री और कौशल्या साय ने भी पार्थिव शिवलिंग निर्माण में सहभागी बनकर विधि-विधान से पूजा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को सावन और नागपंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे और छत्तीसगढ़ विकास, शांति एवं समृद्धि की दिशा में लगातार आगे बढ़े। तीन दिवसीय आयोजन में पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन, अभिषेक, आरती, पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अंतिम दिन 19 अगस्त को विशेष पूर्णाहुति के साथ आयोजन का समापन होगा।
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