भास्कर न्यूज | जांजगीर बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेल सेक्शन में इन दिनों ट्रेनों के रद्द और बहाल होने से यात्रियों को लगातार असुविधा झेलनी पड़ रही है। जांजगीर-नैला और अकलतरा स्टेशन के बीच चौथी लाइन कनेक्टिविटी के कार्य के चलते रेलवे ने पहले कई ट्रेनों को रद्द किया और फिर कुछ को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया, जिससे यात्री भ्रम की स्थिति में हैं। रेलवे ने 6 अप्रैल को आदेश जारी कर 15 से 27 अप्रैल तक चौथी लाइन के कार्य के कारण हसदेव एक्सप्रेस सहित 11 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की थी। इसके तीन दिन बाद 9 अप्रैल को नया आदेश जारी कर इन्हीं ट्रेनों को 10 और 11 अप्रैल के लिए बहाल कर दिया गया। इस विरोधाभासी निर्णय से उन यात्रियों को नुकसान हुआ, जिन्होंने रद्द की सूचना के बाद अपनी यात्रा स्थगित कर दी या टिकट कैंसिल करा लिए थे। अकलतरा में चौथी लाइन का कनेक्टिविटी कार्य अभी पूरी तरह फिनिशिंग स्तर तक नहीं पहुंचा है। इंटरलॉकिंग कार्य में तकनीकी दिक्कतों के कारण सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए काम की अवधि बढ़ाई जा रही है। इसके चलते ट्रेनों का ठहराव और प्लेटफॉर्म आवंटन अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है।
अकलतरा में कनेक्टिविटी का काम अधूरा: चौथी लाइन परियोजना का उद्देश्य ट्रेनों की गति बढ़ाना और कंजेशन कम करना है। अकलतरा और नैला स्टेशनों पर कनेक्टिविटी और ऑटो सिग्नलिंग का काम अंतिम चरण में है, लेकिन नॉन इंटरलॉकिंग कार्य की धीमी रफ्तार के कारण यात्रियों को नैला के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर नियमित ठहराव के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। इन गाड़ियों को किया था रद्द, अब फिर बहाल की बिलासपुर-रायगढ़-बिला सपुर मेमू (68738/68737) रायपुर-गेवरा रोड मेमू (68746/68745) रायपुर-कोरबा पैसेंजर (58204/58203) बिलासपुर-कोरबा मेमू (68732/68731) गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू (68861/68862) हसदेव एक्स. को पैसेंजर बनाने का फैसला बदला 6 अप्रैल के आदेश में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए हसदेव एक्सप्रेस को पैसेंजर के रूप में चलाने की घोषणा की गई थी। यात्रियों के विरोध के बाद 9 अप्रैल के आदेश में इसे फिर एक्सप्रेस के रूप में चलाने का निर्णय लिया गया। इससे रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा और व्यापारियों की दिनचर्या प्रभावित हुई।
<
