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बस्तर के धूर नक्सल क्षेत्र बीजापुर जिले के कर्रेगुटा पहाड़ी तक अब लोगों की पहुंच आसान होगी। छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी की कुल लंबाई लगभग साठ किलोमीटर है। पीडब्ल्यूडी वहां तक पहुंचने के लिए सड़क बनाने जा रही है। लगभग चार किलोम
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जल्द ही इसका काम शुरू हो जाएगा। इस सड़क का निर्माण इसलिए भी किया जा रहा है कि क्योंकि केंद्र सरकार इस पहाड़ी पर देश का दूसरा जंगल वारफेयर कॉलेज खोलने जा रही है। दरअसल कर्रेगुट्टा पहाड़ी रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।
बताते हैं कि लगभग 900 मीटर ऊंची इस दुर्गम पहाड़ी में ऐसी कई गुफाएं हैं, जिन्हें नक्सली लंबे समय से अपने कैंप और हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। इसे नक्सलियों की राजधानी तक कहा जाता था। कुछ दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यहां चलाए गए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में शामिल जवानों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया।
गलगम से कर्रेगुटा को जोड़ेंगे। पीडब्ल्यूडी के मुताबिक बीजापुर जिले के उसूर ब्लाक के गलगम से यह सड़क शुरू होगी। जो कर्रेगुटा की पहाड़ी तक जाएगी।
लगभग 3.5 किलोमीटर की इस सड़क को बनाने में 5.29 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें नदीं-नाले या अन्य दुर्गम स्थल 12 पुल-पुलिया भी बनाए जाएंगे।
लोगों का भरोसा जीतने की दिशा में अहम कदम नक्सल प्रभािवत अतिसंवेदनशील क्षेत्र में सड़क का निर्माण इस बात का परिचायक है कि क्षेत्र के लोगों का भरोसा राज्य शासन के प्रति बढ़ रहा है। हमारी कोशिश है कि इस सड़क का निर्माण समय-सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा ताकि इस दुर्गम पहाड़ी तक आमजनता की पहुंच आसान हो। -डॉ.कमलप्रीत सिंह, सचिव, पीडब्ल्यूडी
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