Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » 40 साल से मुआवजा नहीं मिला, सड़क पर उतरे किसान:दुर्ग में कहा- 17 किसानों की जमीन अधिग्रहित, मुआवजा दें या जमीन वापस करें
Breaking News

40 साल से मुआवजा नहीं मिला, सड़क पर उतरे किसान:दुर्ग में कहा- 17 किसानों की जमीन अधिग्रहित, मुआवजा दें या जमीन वापस करें

By adminApril 11, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
f1f2e9a9 0fc3 4664 af27 932fe6682db8 1775825044621
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email



f1f2e9a9 0fc3 4664 af27 932fe6682db8 1775825044621
दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के परसकोल और खैरझीटी गांव के करीब 300 से 400 ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। वे अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर एकत्रित हुए थे।किसान बंधु संगठन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान न होने के कारण उनमें नाराजगी थी। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा भूमि अधिग्रहण का लंबित मुआवजा था। किसान नेता टेक सिंह चंदेल ने बताया कि, साल 1983-84 में गोरपा नहर निर्माण के लिए परसकोल और खैरझीटी के करीब 17 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। 40-45 साल से मुआवज नहीं मिला 40 से 45 साल बीत जाने के बाद भी इन किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि, उन्होंने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई और जनदर्शन में भी आवेदन दिए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। जनवरी 2026 में कलेक्टर से मुलाकात के दौरान भी उन्हें मार्च तक मुआवजा देने का भरोसा दिया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने स्पष्ट मांग रखी है कि, या तो अधिग्रहित जमीन का बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा दिया जाए, या फिर उनकी जमीन वापस की जाए। इसके साथ ही इतने वर्षों तक इस्तेमाल की गई जमीन का किराया या क्षतिपूर्ति देने की भी मांग की गई है। जमीन का खाता बंटवारा भी नहीं हो पा रहा किसानों का कहना है कि, मुआवजा न मिलने के कारण वे अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही, जमीन का खाता बंटवारा भी नहीं हो पा रहा है, जिससे पारिवारिक विवादों की स्थिति बन रही है। पीड़ित किसानों का दर्द पीड़ित किसान कमल नारायण सुपंथक ने बताया कि, उनकी जमीन अधिग्रहित होने के बाद से वे न तो उस पर खेती कर पा रहे हैं और न ही किसी प्रकार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 40 साल से हमारी जमीन चली गई, लेकिन न मुआवजा मिला और न ही कोई समाधान। खाता बंटवारा नहीं होने से परिवार में विवाद बढ़ रहा है, हम पूरी तरह परेशान हैं। जर्जर स्कूल में पढ़ाई का संकट ग्रामीणों की दूसरी बड़ी मांग खैरझीटी गांव के प्राथमिक स्कूल भवन से जुड़ी है। गांव का स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसके चलते पिछले दो वर्षों से बच्चों की पढ़ाई पंचायत भवन में कराई जा रही है। ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि, पंचायत भवन में पढ़ाई से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की है कि जर्जर भवन को तोड़कर जल्द नया स्कूल भवन बनाया जाए या अतिरिक्त कक्ष की स्वीकृति दी जाए, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिल सके। पहले भी हो चुका है विरोध ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2022-23 में जब नहर का सीमेंट कंक्रीट कार्य किया जा रहा था, तब भी उन्होंने विरोध दर्ज कराया था। उस समय भी प्रशासन ने जल्द मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि हर बार उन्हें आश्वासन देकर शांत कर दिया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। इससे किसानों का भरोसा प्रशासन पर से उठता जा रहा है। अब आंदोलन होगा तेज किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मुआवजे का मामला नहीं, बल्कि उनके अधिकार और आजीविका का सवाल है। तहसीलदार ने दिया आश्वासन कलेक्टर की अनुपस्थिति में तहसीलदार ने किसानों से चर्चा की और आश्वासन दिया कि शाम 4 बजे किसानों के पांच प्रतिनिधियों की कलेक्टर से मुलाकात कराई जाएगी। इस आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया और बैठक में अपनी बात रखने के लिए सहमति जताई। कलेक्टर ने मौके से ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल शिकायतों के निराकरण के लिए निर्देश दिए। किसानों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें इन मांगों को लेकर आना नहीं पड़ेगा। जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए निराकरण कर दिया जाएगा। कलेक्टर के आश्वासन से संतुष्ट होकर किसान लौट आए।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

कोरबा में अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई:खनिज विभाग ने 14 स्थानों पर छापा मारकर टीपर-ट्रैक्टर जब्त किए

June 28, 2026

बीजापुर में आवारा कुत्तों के लिए हाईटेक डॉग सेंटर:भट्टीपारा में 100 कुत्तों की क्षमता, एसी-कूलर, इलाज-भोजन की सुविधा

June 28, 2026

मुंगेली में DEO का औचक निरीक्षण:कई स्कूलों में मिली लापरवाही, समय से पहले बंद, शिक्षकों का कटेगा वेतन

June 28, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13843/146
samvad add RO. Nu. 13843/146
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

076872
Views Today : 133
Views Last 7 days : 4181
Views Last 30 days : 11869
Total views : 107074
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.