कंपनी का शेयर ट्रांसफर कराकर करोड़ो की धोखाधड़ी की गई
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में फैक्ट्री के शेयर को दान करने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी की घटना घटित हुई है। बड़े भाई ने अपने 2 बेटों के साथ मिलकर छोटे भाई के शेयर को दान कराकर घटना को अंजाम दिया है। जब इसकी जानकारी पीड़ित को लगी, तो उसने थाना में रिपोर्ट
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मिली जानकारी के मुताबिक सुरजपुर के ग्राम केतका रोड का रहने वाला अजय अग्रवाल 56 साल ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि फ्रेंड्स काॅलोनी निवासी हरविलास अग्रवाल 58 साल उसका बेटा प्रणव अग्रवाल और आयुष अग्रवाल ने बांकी बिहारी इस्पात प्रायवेट लिमिटेड के शेयर को फर्जी तरीके से ट्रांसफर कराया है।
उनकी श्री बांके बिहारी इस्पात प्रायवेट लिमिटेड पारिवारिक कंपनी है। पीड़ित अजय अग्रवाल ने कपंनी का शेयर 10 रुपए प्रति शेयर के भाव से 21 मार्च 2005 से लेकर 31 मार्च 2023 तक 28 शेयर सर्टिफिकेट के माध्यम से क्रया किया था।
जिसक वर्तमान मूल्य साढ़े चार करोड़ रुपए है। हरबिलास अग्रवाल और उसके दोनों पुत्र आयुष अग्रवाल और प्रणव अग्रवाल ने धोखाधड़ी करते हुए एक फर्जी दस्तावेज तैयार किया।
16 मई 2024 को 100 रुपए के स्टाम्प पेपर पर फर्जी तरीके से गिफ्ट डीड (शेयर ट्रांसफर डीड) तैयार करवा लिया और इस फर्जी गिफ्ट डीड को तैयार करने के लिए हरविलास और उसके पुत्रों के द्वारा फर्जी दस्तावेज को तैयार करने के लिए 100 रुपए का स्टाम्प खरीदा गया। उस पर अजय अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर इन लोगों ने कर दिया।

घटना की सूचना के बाद पूंजीपथरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया
फर्जी गिफ्ट डीड को नोटरी कराया पीड़ित ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि जिस दिन इन्होंने उसके नाम से स्टाम्प लिया, उस दिन अजय अग्रवाल रायगढ़ में उपस्थित ही नहीं था।
इसी तरह हरविलास और उसके पुत्रों ने फर्जी गिफ्ट डीड को तैयार करते हुए उसे नोटरी करा लिया। जबकि नोटरी को गिफ्ट डीड निष्पादन का अधिकार ही नहीं है। गिफ्ट डीड निष्पादन का अधिकार सिर्फ पंजीयक को होता है।
ओड़िसा के अधिवक्ता से मिली जानकारी करीब दो सप्ताह पहले ओड़िसा के एक परिचित अधिवक्ता ने अजय अग्रवाल से जानकारी ली कि श्री बांके बिहारी इस्पात प्रा.लि. के शेयर को हरबिलास अग्रवाल को दानपत्र के माध्यम से ट्रांसफर किया है। तब इसकी जानकारी अजय को लगी और उसने बताया कि इस तरह से कोई भी शेयर को उसने हरविलास के पक्ष में नहीं किया है।
थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया जिसके बाद उसे समझ आ गया कि उसके भाई ने उसके साथ साढ़े करोड़ी की धोखाधड़ी की है। जिसके बाद अजय अग्रवाल ने मामले की शिकायत पूंजीपथरा थाना में की।
जहां पुलिस ने आरोपी हरविलास अग्रवाल उसके बेटे आयुष अग्रवाल और प्रणव अग्रवाल के खिलाफ धारा 34-IPC, 420-IPC के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
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