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महासमुंद जिले की बसना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को अंतरराज्यीय नशा तस्करी के मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 4 करोड़ 56 लाख रुपए की कीमत के 912.760 किलोग्राम गांजा तस्करी मामले के मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शामली जिले के रहने वाले विनय कुमार शर्मा उर्फ पंडित के रूप में हुई है। लीगल कारोबार की आड़ में चल रहा था अवैध धंधा पुलिस के अनुसार, आरोपी विनय शर्मा शराब, भांग और गांजा के अवैध कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क को चला रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि वह आंध्र प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों में 10 से ज्यादा शराब ठेकों का संचालन करता है। बताया जा रहा है कि वह इन्हीं वैध कारोबारों की आड़ में अंतरराज्यीय स्तर पर नशे के पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। यह मामला 17 अप्रैल 2026 का है। उस दिन बसना थाना क्षेत्र के पलसापाली चेक पोस्ट पर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक आयशर मालवाहक वाहन (एपी 39 टीटी 4556) को रोका था। जांच के दौरान जब वाहन की तलाशी ली गई तो कच्चे केले की खेप के नीचे छिपाकर रखी गई 29 प्लास्टिक बोरियों में 912.760 किलो गांजा मिला। इस गांजे की कीमत करीब 4.56 करोड़ रुपए आंकी गई। पुलिस ने वाहन से चार फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की थी, जिनका इस्तेमाल जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा था। मोबाइल डेटा और चैट से सामने आई पूरी साजिश मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई। आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल और गूगल लोकेशन डेटा की गहराई से जांच की गई। जांच में सामने आया कि ओडिशा के कंधमाल जिले से गांजे की खेप मंगाकर उसे उत्तर प्रदेश के शामली जिले तक पहुंचाने की पूरी योजना विनय शर्मा ने बनाई थी। बताया जा रहा है कि वह इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक, फाइनेंसर और रिसीवर था। सबूत मिलने के बाद बसना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम उत्तर प्रदेश गई। तकनीकी जानकारी और निगरानी के आधार पर टीम ने 17 जून 2026 को शामली जिले के झिंझाना इलाके में छापेमारी कर आरोपी विनय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर आरोपी को महासमुंद लाया जा रहा है, जहां उससे पूरे नेटवर्क और पैसों के लेन-देन को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस पहले ही इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें झारखंड का वाहन चालक और कैरियर अब्दुल नईम, मुख्य बिचौलिया राम कुमार सिंह उर्फ रामजी ठाकुर, और ओडिशा के कंधमाल जिले के गांजा सप्लायर रमाकांत बेहरा और बबलू नायक शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से ओडिशा से उत्तर प्रदेश तक फैले बड़े अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
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