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कोरबा जिले के श्यांग थाना क्षेत्र के छिरहुट गांव में शनिवार को 23 वर्षीय नवविवाहिता घूरई बाई की कब्र खोदकर उसका शव बाहर निकाला गया। यह कार्रवाई पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में की गई। मृतका के मायके पक्ष ने उसकी मौत पर शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। जानकारी के अनुसार, रायगढ़ जिले के कुमा गांव की निवासी घूरई बाई का विवाह तीन साल पहले छिरहुट गांव के 26 वर्षीय दिलीप बैगा से हुआ था। दंपती का डेढ़ साल का एक बच्चा भी है। पति दिलीप बैगा ने बताया था कि 16 जून को घूरई की तबीयत अचानक बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को दफना दिया था। चरित्र संदेह को लेकर लगातार झगड़े का दावा मृतका के मायके पक्ष को घूरई की मौत की सूचना मिलने पर संदेह हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पति दिलीप चरित्र पर संदेह को लेकर अक्सर घूरई से झगड़ा करता था। मायके वालों ने दिलीप पर हत्या कर शव दफनाने का आरोप लगाते हुए श्यांग थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और शव के उत्खनन की मांग की। शिकायत मिलने के बाद श्यांग थाना पुलिस ने कार्रवाई की। शनिवार को एसडीओपी, थाना प्रभारी, सीन ऑफ क्राइम टीम और जिला प्रशासन की ओर से नए तहसीलदार की मौजूदगी में छिरहुट गांव में कब्र की खुदाई कराई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद थे। पुलिस टीम ने शव को कब्र से निकालकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में डेढ़ साल के बच्चे की परवरिश को लेकर भी गांव में चर्चा है। मायके वालों का कहना है कि यदि हत्या साबित होती है, तो बच्चे को न्याय मिलना चाहिए। वहीं, पति दिलीप बैगा ने पत्नी की मौत बीमारी से होने का दावा किया है और हत्या के आरोपों को निराधार बताया है। श्यांग थाना पुलिस ने मृतका के परिजनों का बयान दर्ज कर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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