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पुसौर तहसील के बुनगा धान खरीदी केंद्र में जांच के दौरान भारी गड़बड़ी सामने आने के बावजूद सप्ताह भर बाद भी खरीदी प्रभारी और अन्य जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रबंधक को केवल शोकॉज नोटिस दी गई है।
13 दिसंबर को तहसीलदार अनुराधा पटेल के नेतृत्व में राजस्व, सहकारिता, अपेक्स बैंक और खाद्य विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया था। जांच में पाया गया कि किसानों से 40 किलो से अधिक धान लिया गया, मोटा धान स्टॉक से 370 बोरी कम और स्वर्णा धान 375 क्विंटल अधिक मिला। नए-पुराने बारदाना के उपयोग में भी अनियमितता पाई गई। जिले में प्रशासन धान खरीदी को सुचारु बताकर अवैध परिवहन रोकने के लिए छापेमारी कर रहा है। ओडिशा से धान लाने वालों पर एफआईआर भी हुई है, लेकिन बुनगा केंद्र में मिली गड़बड़ी पर कार्रवाई न होने से दोहरी नीति उजागर हो रही है।
जांच में रैंडम वजन में औसतन 40 किलो 915 ग्राम पाया गया, स्टैक में बोरियों का औसत वजन 40 किलो 820 ग्राम, स्टॉक में 16 बोरी धान अतिरिक्त, ऑनलाइन पत्रक के अनुसार सरना धान 2205 क्विंटल होना चाहिए था, जबकि 2580 क्विंटल मिला, मोटा धान 1558 क्विंटल के विरुद्ध केवल 1188 क्विंटल मिला, नए-पुराने बारदाना के उपयोग और स्टॉक में अंतर था। 17 दिसंबर रात ओडिशा से लाए जा रहे 60-60 बोरी धान से भरी 2 गाड़ी जब्त की। धान लैलूंगा निवासी शेखर जायसवाल और कृष्णा जायसवाल का था। दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया। 18 दिसंबर तक रायगढ़ जिले में 23,089 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा।
कुल 13,16,691.20 क्विंटल धान खरीदा गया। किसानों को 307 करोड़ 62 लाख रुपये का भुगतान हुआ। 12,190 किसानों ने 1034.6495 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया। अवैध परिवहन-भंडारण के 137 मामलों में 29,600.60 क्विंटल धान जब्त। ^बुनगा धान खरीदी केंद्र में मिली अनियमितता की जांच कराई गई है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर अभी केवल प्रबंधक को शोकॉज नोटिस दी गई है। किसी के खिलाफ अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। – व्यास नारायण साहू, उपपंजीयक सहकारिता, रायगढ़ बुनगा केंद्र में मिली अनियमितता के सात दिन बाद भी खरीदी प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर और बारदाना प्रभारी को कार्य से नहीं हटाया गया।
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