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शहर से लगे सेजबहार और मुजगहन की करीब 13 एकड़ जमीन पर नया विवाद शुरू हो गया है। इस जमीन पर करीब 40 साल से 300 से ज्यादा परिवार काबिज हैं। लेकिन इसी खसरा नंबर की जमीन पर अटल विहार योजना लाई जा रही है। इस योजना के लिए हाउसिंग बोर्ड ने जिला प्रशासन से ज
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बोर्ड को जमीन हैंडओवर करने से पहले लोगों से आपत्तियां मंगाई गई, तब इसका खुलासा हुआ। तहसील कार्यालय से जारी सूचना के बाद विवाद और बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि वे इस जमीन से नहीं हटेंगे। 40 साल से हैं, अब कहां जाएंगे।
ऐसे में प्रशासन ने इस मामले में लोगों से 17 अक्टूबर तक दावा-आपत्ति मंगाई थी। अफसरों का कहना है कि जितनी भी आपत्तियां आई हैं, उन सभी की जांच करने के बाद आगे कोई फैसला लिया जाएगा। दरअसल, अटल विहार योजना के तहत मुजगहन में खसरा क्रमांक 12/3 व 25/14 रकबा 3 हेक्टेयर व 2.209 हेक्टेयर और मुजगहन में खसरा क्रमांक 12/3 रकबा 3 हेक्टेयर (7.410 एकड़) व खसरा क्र. 25/14 रकबा 3 हेक्टेयर व 2.209 हे. (5.434 एकड़) जमीन को हाउसिंग बोर्ड को हैंडओवर करने का प्रस्ताव प्रशासन ने तैयार किया है।
ग्राम सभा प्रस्ताव को कर चुकी है निरस्त यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि 3 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा में खसरा नंबर 12/3 व 25/14 की जमीन हस्तांतरण/आबंटन के प्रस्ताव को निरस्त किया जा चुका है। इसके बावजूद तहसील के अफसरों ने जमीन हस्तांतरण प्रक्रिया शुरू करने की सूचना जारी कर दी। इस मामले में कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है। कलेक्टर ने इस मामले की जांच कराने का भी भरोसा दिलाया है।
हैंडओवर की सूचना जारी होते ही विवाद हाउसिंग बोर्ड को जमीन हैंडओवर की सूचना जारी होने के साथ ही विवाद शुरू हो गया। वहां रहने वाले करीब 300 परिवारों का कहना है कि यहां 40 परिवारों के घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ही बनाकर दिए गए हैं। ऐसे में हाउसिंग बोर्ड जिस जमीन पर मकान बना चुका है, वहां फिर कैसे निर्माण कर सकता है। इस जमीन पर सघन आबादी रह रही है। इसमें अनुसूचित जाति के 50, अनुसूचित जनजाति के 25 और ओबीसी के 65 परिवार कई सालों से रह रहे हैं।
अलॉटमेंट जिला वालों को करना है अटल विहार योजना के तहत मकान बनाने प्रशासन से जमीन मांगी गई है। अब प्रशासन को जहां उपयुक्त लगेगा, वहां की जमीन हैंडओवर करेगी। अगर किसी जमीन पर आपत्ति है तो जिला प्रशासन ही उसे दूर करेगा। अवनीश शरण, कमिश्नर हाउसिंग बोर्ड
आपत्ति मंगाई है, जांच कर रहे ^हाउसिंग बोर्ड को जिस जमीन का अलॉटमेंट करना है उसके लिए लोगों से दावा-आपत्ति मंगाई गई है। इन सभी आपत्तियों की जांच करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को भेजेंगे। इसके बाद ही फैसला लिया जाएगा। राकेश देवांगन, नायाब तहसीलदार
जबरदस्ती की तो सड़क पर उतरेंगे जिस जगह पर पहले से लोग काबिज हैं वहां उन्हें कैसे हटाया जा सकता है। हस्तांतरण की इस प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। संदीप यदु, उपाध्यक्ष जिला पंचायत रायपुर
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