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दुर्ग पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘विश्वास’ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। चिट्टा हेरोइन सप्लाई चेन से जुड़े तीन और तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के साथ, अब तक कुल 24 आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है।
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गिरफ्तार किए गए ये आरोपी पंजाब से दुर्ग-भिलाई तक फैले नशे के संगठित रैकेट से जुड़े थे। पुलिस ने इनके पास से पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनसे नशे के सौदों और पैसों के लेन-देन की महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
यह पूरा मामला थाना मोहन नगर के अपराध क्रमांक 460/2025 से संबंधित है, जिसमें पहले ही 21 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे। जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे, जो पंजाब से चिट्टा मंगाकर स्थानीय स्तर पर बेचते थे।
व्हाट्सऐप कॉल से जुड़ते थे आरोपी, 3 गिरफ्तार
आरोपियों के बीच संपर्क व्हाट्सऐप कॉल और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से होता था। एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देशन में जिलेभर में नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए ‘विश्वास’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मोहन नगर पुलिस और एसीसीयू टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इन तीन आरोपियों को उनके भिलाई स्थित ठिकानों से पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ख), 27(क), 27 और बीएनएस की धारा 111(2)(ख) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में आशीष सिंह उर्फ मुज्जी (निवासी कुरूद, थाना जामुल), लोकेश अवस्थी उर्फ लल्ली (देवार मोहल्ला खुर्सीपार) और अजय सोनी (हाउसिंग बोर्ड, थाना जामुल) शामिल हैं।
एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि नेटवर्क से जुड़े शेष लोगों की तलाश जारी है। पुलिस ने यह भी कहा कि जिले में नशे के कारोबार को पूरी तरह समाप्त करने तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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