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दुर्ग-भिलाई में दिवाली पर पटाखा जलाने के दौरान 21 लोग घायल गए। इनमें ज्यादातर लोगों को हाथ, पैर और चेहरे पर जलन या चोटें आई हैं। सभी का इलाज जिला अस्पताल दुर्ग और सुपेला अस्पताल भिलाई में चल रहा है।
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दिवाली पर भिलाई के सुपेला अस्पताल में पटाखों से जलने या घायल होने के कुल 12 मामले आए। ज्यादातर लोग मामूली रूप से घायल हुए थे और सभी का इलाज सुपेला अस्पताल में जारी है। दिवाली से एक दिन पहले रविवार को ही 2 केस आए थे। दिवाली की रात सोमवार को 9 केस सामने आए, जबकि मंगलवार को 1 नया मामला अस्पताल पहुंचा।
घायलों को किया जा रहा उपचार
सुपेला अस्पताल के प्रभारी डॉ. पीएम सिंह ने बताया कि दिवाली जैसे त्योहार पर लापरवाही बड़ी चोट का कारण बन सकती है। अस्पताल में आए मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ज्यादातर छोटे चोट हैं। हाथ, पैर और आंखों में ज्यादा जलने के मामले सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि पटाखा जलाते समय हमेशा दूरी बनाकर रखें। कॉटन के कपड़े पहनें और सिंथेटिक कपड़ों से बचें। अगर चोट लग जाए या जलन हो तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में दिखाएं। बच्चों को अकेले पटाखे नहीं जलाने देना चाहिए और बड़े लोग उनकी निगरानी करें।
दुर्ग में 9 लोग झुलसे
दुर्ग जिला अस्पताल में दिवाली के समय पटाखों से जलने या घायल होने के 9 मामले आए। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, दिवाली की रात को 6 मरीज पटाखा जलाने के दौरान झुलस गए थे। वहीं मंगलवार की सुबह 3 और मरीज इसी वजह से अस्पताल पहुंचे।
इनमें से एक मरीज की हालत थोड़ी गंभीर बताई गई है, जिसे भर्ती किया गया है। बाकी मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
ज्यादातर केस हल्के, पर लापरवाही से बचना जरूरी
जिला अस्पताल दुर्ग के सिविल सर्जन आशीषन मिंज ने बताया कि ज्यादातर मरीजों को हल्की जलन या हाथ-पैर पर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि लोग पटाखे जलाने के दौरान जल्दबाजी करते हैं या बहुत नजदीक से फोड़ते हैं, जिससे हादसे होते हैं। बच्चों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।
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