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Home » 200 families to return home, firecrackers to burst in Abujhmad after two decades Dantewada | वनवास खत्म…: 200 परिवार घर लौटेंगे, अबूझमाड़ में 2 दशक बाद फूटेंगे पटाखे दंतेवाड़ा – Raipur News
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200 families to return home, firecrackers to burst in Abujhmad after two decades Dantewada | वनवास खत्म…: 200 परिवार घर लौटेंगे, अबूझमाड़ में 2 दशक बाद फूटेंगे पटाखे दंतेवाड़ा – Raipur News

By adminOctober 18, 2025No Comments2 Mins Read
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अबूझमाड़ इलाके में अब दो दशक बाद आतिशबाजी के साथ दीपावली मनाई जाएगी। यहां नक्सलियों ने अब तक आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा रखा था। यहां पटाखों का इस्तेमाल नक्सली एक-दूसरे को सूचना पहुंचाने के लिए करते आए थे। इलाके से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा होने के बाद

.

कई परिवार तो यहां 2005 से रहे रहे हैं। शुक्रवार को जगदलपुर में जब सरेंडर हो रहा था, तब भास्कर टीम अबूझमाड़ के गांवों में पहुंची। नक्सलियों के सरेंडर पर पीडियाकोट के चैतराम नेताम कहते हैं, उन्हें इसकी मिली है। अब वे भी अपने गांव लौट पाएंगे।

निराम गांव की बुधरी ने बताया, गांव में खेती-बाड़ी सब है। गांव छोड़ने के बाद नक्सलियों ने उनके खेत अपने साथियों में बांट दिए थे। अब उन्हें उनकी जमीन वापस मिलेगी। जोगा मंडावी कहते हैं, उनके पास 5 एकड़ खेत हैं। अगले एक महीने माहौल देखने के बाद ही वे वापस जाने के बारे में फैसला लेंगे।

बता दें कि राहत शिविरों में सलवा जुडुम के समय अबूझमाड़ से करीब 200 परिवारों को विस्थापित किया गया था। 2 दशकों से यहां रह रहे परिवार नक्सलवाद के खात्मे की बाट जोह रहे थे।

अब इस बड़े आत्मसमर्पण के बाद राहत शिविरों में रह रहे लोगों को अपनी मिट्‌टी में वापस लौटने की खुशी है। पिछले साल भी सुकमा जिले के जगरगुंडा के राहत शिविरों में तार बाड़ी के घेरे में रह रहे परिवार वापस अपने गांव लौटे थे। ऐसे में कसोली राहत शिविर में रह रहे लोगों में भी वापसी की उम्मीद बढ़ी है।

नक्सलियों को हर बात पर चंदा देत थे: नक्सलियों के पीछे हटने पर ग्रामीणों का कहना था कि अब उनके गांवों में बिजली-सड़क पहुंच सकेगी। नक्सलियों को पहले चंदा देना पड़ता था, वह भी अब बंद हो जाएगा। 20-20 किमी दूर से पीडीएस का राशन लाना पड़ता था, उसमें भी नक्सलियों को हिस्सा देना पड़ता था। तेंदूपत्ता और मनरेगा मजदूरी तक में उनकी हिस्सेदारी तय थी। बाइक-ट्रैक्टर का सालाना शुल्क तक वसूला जाता था। ये सब अब बंद हो जाएगा।

यहां पटाखे फोड़ने पर था प्रतिबंध गोड़सा, निराम, पालेवाया, कौशलनार, पीडियाकोट, पहुरनार, मंगनार जैसे गांवों में पटाखों पर लगा प्रतिबंध अब हट जाएगा।



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