Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » 200 साल पुरानी जैन चित्र लिपियां की गईं सुरक्षित:सारंगढ़ रियासत और कलचुरी शासन के दस्तावेज मिले, ताड़पत्र-ताम्रपत्र और हस्तलिखित ग्रंथों का हुआ डिजिटलीकरण
Breaking News

200 साल पुरानी जैन चित्र लिपियां की गईं सुरक्षित:सारंगढ़ रियासत और कलचुरी शासन के दस्तावेज मिले, ताड़पत्र-ताम्रपत्र और हस्तलिखित ग्रंथों का हुआ डिजिटलीकरण

By adminApril 17, 2026No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
whatsapp image 2026 04 17 at 61748 pm 1776434333
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email



whatsapp image 2026 04 17 at 61748 pm 1776434333
रायपुर जिले में “ज्ञानभारतम् मिशन” के तहत दुर्लभ पांडुलिपियों, हस्तलिपियों, ताम्रपत्र और ताड़पत्रों के संरक्षण का कार्य हो रहा है। कलेक्टर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों का संग्रहण कर उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जा रहा है, ताकि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखा जा सके। इसी कड़ी में जैन धर्म से जुड़ी महत्वपूर्ण पांडुलिपियां एकत्र की गई हैं। नालंदा लाइब्रेरी की लाइब्रेरियन मंजुला जैन ने रायपुर के चूड़ी लाइन निवासी अजय गंगवाल से पांडुलिपियां प्राप्त कीं। साल 1915 में स्थापित चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में संरक्षित करीब 200 साल पुरानी 21 दुर्लभ चित्र लिपियां और पांडुलिपियां संग्रहित की गईं, जो जैन धर्म की परंपराओं और अनुष्ठानों से संबंधित हैं। रियासत और ताड़पत्रों में मिला ऐतिहासिक दस्तावेज इसके अलावा डॉ. एस एल कोका के संरक्षण में अंग्रेजी में लिखी महादेव लाल बारगाह की मूल पांडुलिपि भी मिली हैं, जिसमें सारंगढ़ रियासत के शासनकाल की प्रमुख घटनाओं का 100 पृष्ठों में विवरण दर्ज है। वहीं इतिहासकार रमेन्द्र नाथ मिश्र से ओड़िया भाषा में लिखे करीब 6000 पृष्ठों के 15 दुर्लभ ताड़पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें धार्मिक, आयुर्वेदिक और ज्योतिष संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं। मिश्र से ही कलचुरी शासन के अंतिम शासक राजा अमर सिंह देव की ओर से साल 1735 में देवनागरी लिपि में लिखा गया दुर्लभ ताम्रपत्र भी संग्रहित किया गया है। इन सभी ऐतिहासिक दस्तावेजों को ज्ञानभारतम् पोर्टल पर सुरक्षित किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी इस समृद्ध धरोहर से जुड़ सकें।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर गरमाया मामला:दंतेवाड़ा विधायक बोले- मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत,समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी

June 24, 2026

CRPF जवान ने फांसी लगाई, छुट्टी पर आया था घर:पत्नी व ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप, छह माह पूर्व पी लिया था जहर

June 24, 2026

दीपका-परिवार ने अनाथ युवक और गरीब युवती का कराया विवाह:वीडियो कॉल से बनी सहमति, वर्कशॉप फैमिली ने जुटाए ढाई लाख रुपए

June 24, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13843/146
samvad add RO. Nu. 13843/146
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

075308
Views Today : 64
Views Last 7 days : 2250
Views Last 30 days : 9909
Total views : 104331
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.