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पुलिस ने आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ा था।
बीजापुर में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला थाना कोतवाली बीजापुर ने साल 202
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पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 9 नवंबर 2024 को की गई थी। कोतवाली पुलिस ने महादेव घाटी मोड़ के पास एक विशेष अभियान के तहत रविन्द्र पुनेम और अंशु गोनेट को गिरफ्तार किया था।
आरोपियों के पास से दवाइयों की बड़ी मात्रा बरामद हुई थी
दोनों आरोपी बाइक से अवैध रूप से नशीली गोलियों का परिवहन कर रहे थे। उनके कब्जे से प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की बड़ी मात्रा बरामद हुई थी।
पुलिस ने इस मामले में NDPS एक्ट की धारा 21(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस टीम ने मामले की सघन और तकनीकी विवेचना की। सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ठोस सबूत कोर्ट में प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
भविष्य में भी होगी ऐसी कार्रवाइयां:बीजापुर पुलिस
बीजापुर पुलिस ने बताया कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
जनता से अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएं। यदि कहीं भी अवैध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस का मानना है कि नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास ही इसे जड़ से खत्म कर सकते हैं।
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