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महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी जोन) में नक्सल संगठन के इंचार्ज सेंट्रल कमेटी मेंबर रामधेर ने सरेंडर कर दिया है। उस पर 1 करोड़ 5 लाख रुपए का इनाम था। रामधेर के साथ 11 अन्य नक्सली भी मुख्यधारा में लौट आए। इन पर कुल 2 करोड़ 95 लाख रुपए का इनाम था।
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इसी के साथ एमएमसी जोन नक्सल मुक्त होने की ओर बढ़ गया है। इस हिस्से में सक्रिय रहे 33 हार्डकोर नक्सली सरेंडर कर चुके हैं। इनमें एमएमसी जोन के प्रवक्ता विकास नागपुरे, सचिव कबीर और अब जोन इंचार्ज रामधेर ने सरेंडर की राह चुन ली है।
छत्तीसगढ़ में माड़वी हिड़मा के बाद रामधेर ही दूसरा सीसी मेंबर कैडर का नक्सली था, जो करीब 30 साल से संगठन में सक्रिय रहा। एमएमसी जोन में तीन राज्य के बीच जंगल में नक्सल गतिविधियों को अंजाम देता था। सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी में रक्षित केंद्र में नक्सलियों ने सरेंडर किया।
इनमें चंदू उर्फ नरेश, अनिता उर्फ ललिता, प्रेम उर्फ उमराव, जानकी उर्फ प्रेमा, रामसिंह उर्फ सम्पत, सुकेश उर्फ रंगा, शीला उर्फ वैसंती, लक्ष्मी उर्फ मनिता, योगिता उर्फ लक्ष्मी, सागर उर्फ रैनू और कविता उर्फ मासे ने सरेंडर किया है। सभी को संविधान की किताब देकर मुख्य धारा में स्वागत किया गया। इससे छग सहित तीन राज्यों के जंगल में नक्सल मूवमेंट खात्मे की ओर है।
रामधेर 3 राज्यों में नक्सल गतिविधियों में सक्रिय था
- रामधेर एमएमसी जोन का प्रभारी था और तीन राज्यों के बीच नक्सल गतिविधियों का संचालन करता था। छग में माड़वी हिड़मा के बाद वह संगठन का दूसरा सबसे बड़ा सक्रिय मेंबर माना जाता था। उसकी गार्ड और हार्डकोर नक्सली सुनीता ओयाम पहले ही सरेंडर कर चुकी है।
- बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक- सरकार की पुनर्वास से पुनर्जीवन नीति ने नक्सलियों को हिंसा छोड़ने के लिए सबसे ज्यादा प्रेरित किया। जिले में अब सिर्फ एक नक्सली दीपक बाकी है, जिसके भी जल्द सरेंडर की उम्मीद है।
उधर, बीजापुर में नक्सलियों ने ठेकेदार की हत्या
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने स्थानीय ठेकेदार इम्तियाज अली की हत्या कर दी। घटना रविवार शाम पामेड़ थाना क्षेत्र के पास हुई, जहां नक्सलियों ने ठेकेदार को पकड़कर बेरहमी से मार डाला। उनके साथ काम कर रहे मुंशी ने भागकर सुरक्षा बलों को घटना की जानकारी दी।
बताया जा रहा है कि इम्तियाज अली को अपने चंगुल में फंसाने के लिए नक्सलियों ने पहले उसके मुंशी का अपहरण किया इसके बाद जब इम्तियाज उसे छुड़ाने गया तो मुंशी को नक्सलियों ने छोड़ दिया और उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि विकास कार्यों को बाधित नहीं होने दिया जाएगा और नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रहेगा।
जिन गांवों में गोलियां गूंजती थीं, वहां स्कूल की घंटियां बज रहीं
मुख्यमंंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सलवाद अपने अंतिम दौर में है। इसके खात्मे के लिए जो डेडलाइन तय है, उस तारीख तक छग नक्सल मुक्त हो जाएगा। बस्तर के जिन गांवों में कभी गोलियों की आवाज गूंजती थी, वहां अब स्कूल की घंटियां बज रही है। अब नक्सल मुक्त गांवों में विकास की गंगा बहेगी।
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