कई तरह के विवादों और जद्दोजहद के बाद आखिरकार एसआईआर के तहत फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख खत्म हो गई। 18 दिसंबर तक जिले की सात विधानसभा सीटों में करीब 1.38 लाख मतदाता ऐसे मिले जिन्होंने अपना गणना प्रपत्र तो जमा किया है, लेकिन जरूरी दस्तावेज नहीं दे पा
.
आयोग ने इन सभी मतदाताओं को सी कैटेगरी में रखा है। यानी इन सभी लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस के बाद भी दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो इन सभी के नाम मतदाता सूची से काट दिए जाएंगे। पहली नजर में आयोग ने इन्हें संदिग्ध मतदाता माना है।
रायपुर जिले की सात विधानसभा में 1892523 मतदाता हैं। इसमें ए कैटेगरी में करीब 4.66 लाख मतदाताओं को रखा गया है। ये वे मतदाता हैं जिनके गणना प्रपत्र फार्म एकदम सही हैं। वहीं आयोग की बी कैटेगरी में लगभग 7.33 लाख मतदाताओं को रखा गया है।
इन मतदाताओं के गणना प्रपत्र तो सही मिले हैं, लेकिन उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए अपने और उनके माता-पिता के वर्ष 2003 की मतदाता सूची से संबंधित दस्तावेजों की जांच करना बाकी है। इन फॉर्मों की जांच का काम 19 दिसंबर से शुरू हो जाएगा।
अब सभी क्षेत्रों में एसडीएम भेजेंगे नोटिस
भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार ये ऐसे मतदाता हैं, जिन्होंने 2003 की मतदाता सूची में अपना, अपने माता-पिता या परिवार के किसी भी रिश्तेदार के मतदाता सूची से संबंधित जानकारी फार्म के साथ जमा नहीं कर पाए हैं। एसआईआर गणना प्रपत्र भरने की अंतिम तारीख खत्म होने के साथ इन सभी मतदाताओं को एसडीएम नोटिस जारी करेंगे।
राज्य में सबसे ज्यादा नाम रायपुर से कटेंगे
फॉर्म जमा करने का समय खत्म होने के बाद यह तय हो गया है कि राज्यभर में सबसे ज्यादा नाम रायपुर जिले से ही काटे जाएंगे। यहां की सात विधानसभा में 79405 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। दावा किया जा रहा है कि 2,88,222 मतदाता ऐसे हैं, जो रायपुर से बाहर शिफ्ट हो गए हैं।

ऑनलाइन काम 100 फीसदी हो गया पूरा
गणना प्रपत्र को ऑनलाइन करने का काम 100 फीसदी पूरा हो गया है। जिले की सात विधानसभा में करीब 1.38 लाख मतदाताओं ने फॉर्म के साथ सही दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। किसी भी मतदाता का नाम काटने से पहले उसे नोटिस देने के साथ ही अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। नवीन सिंह ठाकुर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी रायपुर
<
