![]()
राजनांदगांव में मार्च की शुरुआत के साथ ही तापमान बढ़ने लगा है, जिससे मूक पशु-पक्षियों के लिए पीने के पानी का संकट गहरा गया है। इस स्थिति को देखते हुए स्वास्तिक जनसमर्पण सेवा समिति ने ‘कोटना (जल पात्र) वितरण अभियान’ शुरू किया है। समिति ने भदोरिया चौक स्थित अपने कार्यालय में जनसहयोग से एकत्रित किए गए जल पात्रों का वितरण किया। अभियान का शुभारंभ पं. आशीष तिवारी के वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पर उन सेवाभावी लोगों को कोटना सौंपे गए, जिन्होंने इनकी नियमित साफ-सफाई और पानी भरने की जिम्मेदारी ली है। समिति ने कोटना प्राप्त करने वालों से संकल्प भी दिलाया कि इनका उपयोग केवल जल सेवा के लिए ही किया जाएगा। स्वास्तिक जनसमर्पण सेवा समिति की पहल बनी जन-आंदोलन प्रदेश संयोजक अंशुल कसार ने बताया कि कोविड काल में एक छोटी पहल के रूप में शुरू हुआ यह अभियान अब पूरे जिले में एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। प्रदेश संरक्षक सुनील सेन के अनुसार, संस्था पिछले कई वर्षों से यह कार्य कर रही है और इस बार भी सूची बनाकर व्यवस्थित वितरण किया जा रहा है। इस सेवा कार्य में शहर के प्रबुद्ध नागरिक और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजयुमो जिलाध्यक्ष चिंदू सोनकर, भाजपा पार्षद शिव वर्मा, पूर्व मंडल अध्यक्ष अतुल रायजयदा, पूर्व पार्षद पंकज कुंजेकर, बजरंग दल विभाग संयोजक सुनील सेन और भाजपा नेत्री प्रेमा सोनकर उपस्थित रहे। समिति के सदस्यों में प्रदेश कोषाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, जिलाध्यक्ष रिभय यादव, गौरक्षा प्रमुख दिव्यांश साहू, रितेश साहू, कोमल साहू, आयुष दीवान और शुभम नाविक सहित बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता मौजूद थे। समिति ने स्पष्ट किया है कि वह केवल जल पात्रों के वितरण तक सीमित नहीं रहेगी। वितरित किए गए कोटना के उपयोग की निगरानी भी की जाएगी। इसके साथ ही, आने वाले समय में पर्यावरण और जल संरक्षण की नई कार्ययोजनाओं पर काम करने और युवाओं को इस नेक कार्य से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
<
