स्मार्ट मीटर पर कांग्रेस का 1 अगस्त से प्रदेशव्यापी आंदोलन:बिजली दर कम करने,मीटर वापस लेने की मांग,बिजली दफ्तरों,CM-ऊर्जा मंत्री आवास तक होगा घेराव

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बिलासपुर में स्मार्ट मीटर वापस लेने, बिजली दरों में कमी करने और 400 यूनिट तक ‘बिजली बिल हाफ’ योजना बहाल करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन 1 अगस्त से शुरू होगा। इसके तहत बिजली दफ्तरों का घेराव, जनमत अभियान और मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री के निवास का घेराव किया जाएगा। जब केंद्र ने कहा वैकल्पिक, तो छत्तीसगढ़ में क्यों अनिवार्य कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री और शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने सवाल उठाया कि जब केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहरलाल खट्टर लोकसभा में स्मार्ट मीटर को वैकल्पिक बता चुके हैं, तो राज्य सरकार इसे अनिवार्य रूप से क्यों लागू कर रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। ‘स्मार्ट मीटर से दो-तीन गुना बढ़ रहे बिजली बिल’ कांग्रेस नेताओं का दावा है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं। उनका आरोप है कि सामान्य मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर तेजी से रीडिंग दर्ज करते हैं, जबकि 35 दिन की बिलिंग और अतिरिक्त अधिभार से उपभोक्ताओं पर और अधिक बोझ पड़ रहा है। ‘बंद घरों में भी हजारों के बिल आ रहे’ सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि स्मार्ट मीटर की बिलिंग को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कई बंद पड़े घरों में भी 5 से 7 हजार रुपए तक के बिजली बिल भेजे गए हैं। इसी वजह से कांग्रेस स्मार्ट मीटर को तत्काल वापस लेने की मांग कर रही है। ‘स्मार्ट मीटर के लिए दबाव बनाया गया’ पत्रवार्ता में मिश्रा ने आरोप लगाया कि अपने घर के आवासीय कनेक्शन को कमर्शियल कराने के दौरान उन पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बनाया गया। उनका कहना था कि विभागीय अधिकारियों ने नए कनेक्शन के साथ स्मार्ट मीटर को अनिवार्य बताया, जबकि केंद्र सरकार इसे वैकल्पिक बता चुकी है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। घर-घर भरवाए जाएंगे फॉर्म, जारी किया WhatsApp नंबर कांग्रेस ने अगले दो महीने तक शहर और जिले में घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर और बिजली बिल संबंधी शिकायतों के फॉर्म भरवाने की घोषणा की है। इसके लिए 8889814010 व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया है, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायत और सुझाव भेज सकेंगे। पूर्व विधायक ने भी लगाए गंभीर आरोप पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने आरोप लगाया कि उनके घर चार महीने तक बिजली बिल नहीं भेजा गया और बिना सूचना बिजली काट दी गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता के पास स्मार्टफोन नहीं है, तो केवल मोबाइल पर बिल भेजने की व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। कांग्रेस ने सरकार से बिजली दरें कम करने, स्मार्ट मीटर वापस लेने और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना फिर से लागू करने की मांग दोहराई।
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