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छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती करने और फिजूलखर्ची रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त विभाग ने इस संबंध में नए आदेश जारी किए हैं। सरकार ने सभी विभागों को साफ निर्देश दिए हैं कि सिर्फ जरूरी कामों पर ही खर्च किया जाए और अनावश्यक खर्चों को पूरी तरह रोका जाए। सरकार का कहना है कि इससे सरकारी पैसों का सही उपयोग होगा और वित्तीय व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है। जारी निर्देशों के मुताबिक, मुख्यमंत्री, मंत्रियों और निगम-मंडल के अधिकारियों के काफिले में अब सिर्फ जरूरी गाड़ियों का ही इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने सरकारी संसाधनों का सीमित इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। – साथ ही सरकारी वाहनों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सभी सरकारी वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाएगा। – सरकारी गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल खर्च कम करने के लिए वाहन पूलिंग लागू करने को कहा गया है, यानी एक ही जगह जाने वाले अधिकारी एक ही वाहन का इस्तेमाल करेंगे। – बहुत जरूरी स्थिति को छोड़कर अब सरकारी खर्च पर अधिकारियों और कर्मचारियों की विदेश यात्रा पर रोक रहेगी। अगर यात्रा जरूरी होगी, तो इसके लिए पहले मुख्यमंत्री की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। – बैठकों को लेकर भी नए निर्देश दिए गए हैं। अब ज्यादातर बैठकें ऑनलाइन या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करने पर जोर दिया गया है, ताकि यात्रा और अन्य खर्च कम हो सके। साथ ही फिजिकल की बैठकें महीने में सिर्फ एक बार हों। नियमित समीक्षा बैठकें भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही आयोजित की जाएंगी। – कार्यालयों में बिजली बचत को लेकर भी सख्ती बरती जाएगी। ऑफिस टाइम खत्म होने के बाद लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर बंद रखना जरूरी होगा। – इसके अलावा सरकार ने ई-ऑफिस और डिजिटल कामकाज को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। बैठकों में कागज की फाइलों और बुकलेट्स की जगह डिजिटल फाइलों का इस्तेमाल किया जाएगा। – वहीं कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए IGOT कर्मयोगी पोर्टल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने को कहा गया है। – विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सरकार के ये सभी निर्देश 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे। ये सभी निर्देश 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे और इनका सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।
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