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बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में डॉक्टरों ने 32 वर्षीय युवक को जटिल रिविजन टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के जरिए नया जीवन दिया है। गिरने के कारण मरीज के कूल्हे का इम्प्लांट खिसक गया था, जिससे उसे चलने में परेशानी हो रही थी। आयुष्मान कार्ड के तहत यह इलाज मुफ्त में किया गया। बिलासपुर निवासी अमन कश्यप का लगभग एक साल पहले सिम्स में दोनों कूल्हों का प्रत्यारोपण हुआ था। वह तेजी से स्वस्थ हो रहे थे, लेकिन कुछ समय बाद घर पर गिरने से उनके कूल्हे में लगे इम्प्लांट अपनी जगह से खिसक गए। इसके कारण उन्हें तेज दर्द, चलने में कठिनाई और कूल्हे में अस्थिरता की गंभीर समस्या होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर अमन ने सिम्स के अस्थिरोग विभाग से संपर्क किया। डॉ. संजय घिल्ले की सलाह पर एक्स-रे परीक्षण में इम्प्लांट की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. एआर बेन के नेतृत्व में तत्काल रिविजन टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी का निर्णय लिया गया। जटिल रिवीजन हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी विशेषज्ञों के अनुसार, यह सर्जरी सामान्य हिप रिप्लेसमेंट से कहीं अधिक जटिल होती है। इसमें पुराने इम्प्लांट को हटाकर नए को सटीकता से स्थापित करना होता है। ऑपरेशन के दौरान मरीज के दाहिने कूल्हे का कंपोनेंट पूरी तरह हिल चुका था। डॉक्टरों ने केवल एसिटाबुलर कंपोनेंट को बदला और फीमर में लगे कंपोनेंट को सुरक्षित रखा, जिससे तकनीकी चुनौतियां कम हुईं। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। चिकित्सकीय निगरानी और नियमित फिजियोथेरेपी की मदद से अमन अब दोबारा सामान्य रूप से चलने-फिरने में सक्षम हो गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क सर्जरी यह पूरी जटिल सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूरी तरह निशुल्क की गई। वहीं, निजी अस्पतालों में इसी प्रकार की सर्जरी का खर्च लगभग 4 से 5 लाख रुपए तक आता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने निभाई अहम भूमिका इस सफल ऑपरेशन में अस्थिरोग विभागाध्यक्ष डॉ. एआर बेन के नेतृत्व में डॉ. संजय घिल्ले, डॉ. प्रवीन द्विवेदी और पीजी स्टूडेंट्स डॉ. प्रियांश, डॉ. निरंजन, डॉ. लेखराज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं, एनेस्थीसिया टीम में डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. मिल्टन और डॉ. श्वेता का विशेष योगदान रहा। सफलता का श्रेय टीम वर्क को डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के समन्वय, अनुभव और समर्पण से यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हो सकी। यह टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है। अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि
सिम्स में लगातार जटिल और उच्चस्तरीय सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। आधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकों और समर्पित टीमवर्क के माध्यम से हम मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि “रिवीजन हिप रिप्लेसमेंट जैसी चुनौतीपूर्ण सर्जरी का सफल होना हमारे चिकित्सकों की कुशलता, अनुभव और समर्पण को दर्शाता है।”
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