रायपुर से रवाना होते ही साउथ-बिहार एक्सप्रेस (03287) के B2 एसी कोच का एसी फेल होने से यात्री रातभर भीषण गर्मी और उमस से परेशान रहे। …और पढ़ें

HighLights
- रायपुर से छूटते ही साउथ-बिहार एक्सप्रेस का एसी फेल।
- साउथ-बिहार एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों का फूटा गुस्सा।
- भट्ठी बना B2 कोच, रातभर गर्मी से बेहाल यात्रियों ने मांगा रिफंड।
नईदुनिया प्रतिनिधि,रायपुर। रायपुर से छूटते ही साउथ-बिहार एक्सप्रेस का एसी फेल: भट्ठी बना B2 कोच, रातभर गर्मी से बेहाल यात्रियों ने मांगा रिफंड भीषण गर्मी के इस मौसम में यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित सफर देने के रेलवे प्रशासन के बड़े-बड़े दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है।
रायपुर रेलवे स्टेशन से रवाना होते ही दुर्ग-आरा साउथ-बिहार एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 13288/03287) के ‘बी-2’ एसी कोच का एयर कंडीशनिंग सिस्टम अचानक पूरी तरह ठप हो गया। इसके बाद कड़कड़ाती धूप और उमस के बीच पूरा का पूरा वातानुकूलित कोच तड़पती भट्ठी में तब्दील हो गया। महंगा किराया चुकाकर सफर कर रहे सैकड़ों मुसाफिर पूरी रात पसीने से तर-बतर और बेहाल होते रहे, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार रेल स्टाफ ने सुध नहीं ली।
पीड़ित यात्रियों के मुताबिक, ट्रेन के रायपुर से छूटते ही कोच में कूलिंग बंद हो गई थी। यात्रियों ने तत्काल इसकी जानकारी ऑन-बोर्ड टीटीई और कोच अटेंडेंट को दी। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात अमले ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय टालमटोल शुरू कर दी। कोई तकनीकी खराबी का बहाना बनाता रहा, तो किसी ने अगले बड़े स्टेशन पर मैकेनिकल स्टाफ द्वारा इसे ठीक कर देने का खोखला भरोसा दिया। ट्रेन बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची और आगे निकल गई, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी यात्रियों को राहत की एक बूंद नसीब नहीं हुई।
उमस और दमघोंटू माहौल से तंग आकर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। यात्रियों ने रेल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ड्यूटी स्टाफ की लापरवाही पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। सफर पूरा होने के बाद अब आक्रोशित यात्रियों ने सोशल मीडिया और रेल मदद ऐप के जरिए लापरवाही बरतने वाले तकनीकी कर्मचारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने तथा असुविधा के बदले टिकट का पूरा रिफंड देने की पुरजोर मांग की है। वहीं, इस घटना के बाद बिलासपुर रेल मंडल के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
कोच के अंदर का माहौल धीरे-धीरे दमघोंटू हो गया। महिलाएं हाथों से पंखा झलती नजर आई, बच्चे गर्मी से रो रहे थे और बुजुर्ग पसीने से तरबतर परेशान बैठे थे। यात्रियों ने रेलवे स्टाफ से शिकायत की, लेकिन उन्हें केवल यही आश्वासन मिलता रहा कि अगले स्टेशन पर एसी ठीक कर दिया जाएगा, जो कि नहीं हुआ।
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