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मोवा बाजार के पास मंगलवार को रात करीब 11 बजे एक बाउंसर ने ससुराल में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी को बच्चे से मिलने नहीं दिया जा रहा था, जिससे वह आक्रोशित हो गया। उसने अपनी दोनों सालियों पर करीब तीन राउंड फायरिंग की। घटना में दोनों युवती गंभीर रूप से घायल हो गईं। बाद में एक की मौत हो गई। गोलीबारी से इलाके में सनसनी फैल गई और आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। मोवा में देर रात गहमागहमी बनी रही। घटना के बाद लोग सहमे हुए से नजर आए। घटना के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी की हालत नाजुक बनी हुई है। रायपुर नॉर्थ जोन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह नशे में था और बातचीत करने की स्थिति में नहीं था। मोवा थाना के टीआई एसएन सिंह के अनुसार मोवा निवासी जितेंद्र वर्मा (32) बाउंसर का काम करता है और उसके पास लाइसेंसी पिस्टल है। उसका अपनी पत्नी खिलेश्वरी वर्मा से पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा था। मंगलवार को भी दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई। इसके बाद खिलेश्वरी अपने बच्चे को लेकर अपनी बहन गीतांजली वर्मा के घर पहुंची और बच्चे को वहीं छोड़कर दूसरी बहन के घर चली गई। रात में जितेंद्र ने पत्नी से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन उससे बात नहीं हो पाई। गुस्से में वह पिस्टल लेकर साली के घर पहुंच गया और गाली-गलौज करने लगा। उसने बच्चे से मिलने की जिद की। इस पर उसकी सालियां गीतांजली वर्मा (26) और दुर्गेश्वरी वर्मा (24) बाहर आईं। उसे बताया कि बच्चा घर पर नहीं है। बहन भी फोन नहीं उठा रही है। उन्होंने उसे वहां से जाने कहा। इस बात से नाराज होकर जितेंद्र ने पिस्टल निकालकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली गीतांजली के माथे पर लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर गई। दूसरी गोली दुर्गेश्वरी के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से भागा और सीधे थाना पहुंचकर सरेंडर कर दिया। आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने गीतांजली को मृत घोषित कर दिया।
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