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सरगुजा के एक प्री प्रायमरी स्कूल में बच्चे को इसलिए एडमिशन नहीं मिला, क्योंकि वह स्थानीय सरगुजिहा बोली बोलता है। इससे बच्चे के परिजन निराश हैं। मामले की शिकायत पर सरगुजा कलेक्टर ने कहा कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि यदि सरगुजिहा बोलने पर स्कूल में एडमिशन नहीं मिला तो ऐसे स्कूल को बंद कर देना चाहिए। जानकारी के मुताबिक, चोपड़ापारा में संचालित प्री प्रायमरी स्कूल स्वरंग किड्स एकेडमी में अपने बेटे सत्यम का एडमिशन कराने राजकुमार यादव पहुंचे थे। एडमिशन से पहले स्कूल के प्रिंसिपल एवं टीचर्स ने बच्चे से कुछ सवाल पूछे तो उसने सरगुजिहा बोली में जवाब दिया। इसके बाद स्कूल ने यह कहते हुए बच्चे का नर्सरी सेक्शन में एडमिशन लेने से इनकार कर दिया, यहां बड़े घरों के बच्चे पढ़ते हैं। वे आपके बच्चे की भाषा सीख जाएंगे, इसलिए उसे एडमिशन नहीं दे सकते। स्कूल द्वारा एडमिशन लेने से इनकार किए जाने से राजकुमार यादव परेशान हैं। राजकुमार यादव ने बताया कि घर में सभी लोग सरगुजिहा बोली में ही बात करते हैं। इसके कारण बेटा सत्यम सिर्फ सरगुजिहा बोली जानता है। उसे उम्मीद थी कि स्कूल में एडमिशन मिलने पर वह हिंदी सीख जाएगा। NSUI ने जताया विरोध, सौंपा ज्ञापन
मामले में NSUI ने सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है और बच्चे का एडमिशन नहीं लेने वाले स्कूूल का पंजीयन रद्द करने की मांग की है। NSUI ने कहा कि यह स्थानीय बोली का अपमान है, जबकि सरकारी स्कूलों की नौकरी के लिए स्थानीय बोली के ज्ञान होने की अनिवार्यता होती है। कलेक्टर ने दिया जांच का आदेश
मामले में सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने जांच का आदेश दिया है। सरगुजा कलेक्टर ने कहा कि छात्र संगठन एवं मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। सरगुजा डीईओ को मामले की जांच करने एवं शिकायत सही मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। TS सिंहदेव बोले-ऐसे स्कूल को बंद कर दें
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि कोई स्कूल इसलिए बच्चे का एडमिशन नहीं ले रहा है कि वह सरगुजिहा भाषा में बात करता है तो ऐसे स्कूल को बंद कर देना चाहिए। शिक्षा विभाग को इसकी तत्काल जांच करनी चाहिए। सरगुजा जिले में सरगुजिहा बोलने पर यदि किसी बच्चे को स्कूल में एडमिशन नहीं मिलता है, तो ऐसा स्कूल चलने लायक नहीं है। मामले में स्कूल प्रबंधन से संपर्क नहीं हो सका, जिसके कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका है।
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