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सरकारी केंद्रों में 80 प्रतिशत एंटी-रेबीज वैक्सीन की कमी:रेबीज का पहला डोज लगाने के बाद दूसरा नहीं लगाते, अधूरे इलाज से संक्रमण का खतरा

By adminMay 23, 2026No Comments3 Mins Read
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शहर के हर इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हर दिन डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जीवनरक्षक एंटी रेबीज इंजेक्शन की भारी कमी बनी हुई है। इस वजह से डॉग बाइट के शिकार लोग मरीज सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चक्कर काटने मजबूर हैं। लोगों को समय पर वैक्सीन मिल ही नहीं पा रही है। अधिकतर जगहों पर पहला डोज देने के बाद दूसरा दिया ही नहीं जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलने वाला एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की वजह से मरीज परेशान हैं। आखिर में मजबूरी में एक डोज 600 से 1200 रुपए तक में खरीदना पड़ता है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में कई स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी डॉक्टरों ने माना कि रेबीज वैक्सीन की डिमांड लगातार की जा रही है। लेकिन जरूरत के अनुसार सप्लाई नहीं हो रही है। डिमांड भेजने के 15 से 20 दिन बाद भी सीमित स्टॉक मिलता है, जो जरूरत का केवल 15 से 20 फीसदी तक ही होता है। ऐसे में सभी मरीजों को समय पर डोज देना संभव नहीं हो पा रहा। डॉग बाइट के बाद मरीज सबसे पहले नजदीकी हेल्थ सेंटर पहुंचते हैं, जहां उन्हें किसी तरह पहला डोज तो लगा दिया जाता है। लेकिन स्टॉक की कमी की वजह से बाद के डोज लगाने के लिए मना कर दिया जाता है। लोग पूरी डोज भी नहीं लगवा पाते, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। केंद्रों में वैक्सीन का हाल भास्कर एक्सपर्ट डॉ. सार्थक नंदा, नोडल अधिकारी, रायपुर जिला, स्वास्थ्य विभाग कुत्तों को हटाकर दूसरी जगह नहीं ले जाना चाहिए शहर में कुत्तों की बढ़ती आक्रामकता के कई कारण हैं। कुत्तों को उनके एरिया से हटाकर दूसरे इलाके में नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि नए कुत्तों के संपर्क में आने से उनका स्वभाव बदल जाता है और वहां के कुत्ते भी आक्रामक हो जाते हैं। कुत्तों को मारना नहीं चाहिए, वे लोगों को गंध से पहचान लेते हैं। बाद में हमला कर सकते हैं। पिल्लों को उठाकर उनका स्थान नहीं बदलना चाहिए, क्योंकि उनकी मां बच्चों को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहती है और काट सकती है। निगम प्रशासन को जुलाई से अक्टूबर तक अलग-अलग इलाकों में जाकर कुत्तों का बधियाकरण करवाना चाहिए। रेबीज इंजेक्शन की डिमांड उच्च कार्यालय को भेजी गई है। कुछ केंद्रों में सप्लाई पहुंचाई भी गई है। जहां स्टॉक नहीं है, वहां जल्द वैक्सीन उपलब्ध कराएंगे। – डॉ मिथिलेश चौधरी, सीएमएचओ



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