जूनियर डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, धरनास्थल पर ही लगी समानांतर ओपीडी


प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टर गुरुवार से अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। रायपुर के अंबेडकर अस्पताल और नेहरू मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने नियमित ओपीडी का बहिष्कार किया, लेकिन मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए धरनास्थल पर ही समानांतर ओपीडी लगा दी।
मेडिकल कॉलेज की कैंटीन के सामने डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की, परामर्श दिया और जरूरत के मुताबिक उपचार भी किया। इस तरह नियमित ओपीडी का बहिष्कार करते हुए भी जूनियर डॉक्टरों ने धरनास्थल पर ही समानांतर ओपीडी के जरिए मरीजों को सेवाएं दीं।
हड़ताल में इंटर्न, पीजी रेजिडेंट, पोस्ट-पीजी, पीजी बॉन्डेड और एमबीबीएस बॉन्डेड डॉक्टर शामिल हुए। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से चर्चा के बाद शासन ने मांगों का लिखित प्रस्ताव मांगा था। एसोसिएशन प्रस्ताव सौंप चुका है।
जेडीए की तीन प्रमुख मांगों में स्टाइपेंड बढ़ाना शामिल है। एमबीबीएस के पीजी और पोस्ट पीजी का स्टाइपेंड बढ़ाया जाए।
दूसरी प्रमुख मांग पीजी बॉन्ड से जुड़ी है। पीजी बॉन्ड की राशि 50 लाख रुपए से घटाकर 10 लाख रुपए की जाए। साथ ही बॉन्ड के तहत सेवा अवधि घटाकर एक साल की जाए।
तीसरी प्रमुख मांग सुपर स्पेशलिटी कैडर को लेकर है। राज्य के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में अलग सुपर स्पेशलिटी कैडर का गठन किया जाए।




